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चंबल संग्रहालय में मौजूद हैं सैकड़ों दुर्लभ दस्तावेज
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फोटो संख्या 04- चंबल संग्रहालय में मौजूद पुस्तकों को दिखाते न्यास के पदाधिकारी
- फोटो : ETAWAH
इटावा। चंबल आर्काइव न्यास ने चौगुर्जी स्थित संग्रहालय के तृतीय स्थापना दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें वक्ताओं ने संग्रहित धरोहर पर अपने विचार प्रकट किए।
संस्थापक किशन पोरवाल ने कहा कि यह चंबल की विरासत को समेटे अपने ढंग का पहला संग्रहालय है। संग्रहालय से चंबल के क्रांतिकारी इतिहास से लोगों को साझा होने का मौका मिल रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता रौली यादव ने कहा कि संग्रहालय में हजारों दुर्लभ किताबें हैं। इसमें 17वीं शताब्दी से लेकर अब तक करीब 30 हजार पुस्तकें-पत्रिकाएं सैकड़ों मौजूद हैं।
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विभिन्न रियासतों से लेकर विदेशों तक के चालीस हजार डाक टिकट, चार हजार हाथों से लिखे पत्रों के साथ ही प्राचीन पेंटिंग, तस्वीरें, प्राचीन मानचित्रों के अलावा राजा भोज के दौर से लेकर अलग-अलग काल के करीब तीन हजार प्राचीन सिक्के, सैकड़ों ग्रामोफोन रिकार्ड, सैकड़ों दस्तावेजी फिल्मे आदि हैं।
इससे पूर्व बिहार निवासी विकास कुमार ने ब्रिटेनिका एनसाइक्लोपीडिया के 31 वॉल्यूम को भेजा था। जिसका संग्रहालय में समावेश भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वोदय जागरण मंच के अध्यक्ष नीरज यादव, अन्नदाता के संस्थापक मोहित यादव, ग्रीश पालीवाल, साधना सिंह एवं देवाशीष आर्य मौजूद रहे।
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संस्थापक किशन पोरवाल ने कहा कि यह चंबल की विरासत को समेटे अपने ढंग का पहला संग्रहालय है। संग्रहालय से चंबल के क्रांतिकारी इतिहास से लोगों को साझा होने का मौका मिल रहा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता रौली यादव ने कहा कि संग्रहालय में हजारों दुर्लभ किताबें हैं। इसमें 17वीं शताब्दी से लेकर अब तक करीब 30 हजार पुस्तकें-पत्रिकाएं सैकड़ों मौजूद हैं।
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विभिन्न रियासतों से लेकर विदेशों तक के चालीस हजार डाक टिकट, चार हजार हाथों से लिखे पत्रों के साथ ही प्राचीन पेंटिंग, तस्वीरें, प्राचीन मानचित्रों के अलावा राजा भोज के दौर से लेकर अलग-अलग काल के करीब तीन हजार प्राचीन सिक्के, सैकड़ों ग्रामोफोन रिकार्ड, सैकड़ों दस्तावेजी फिल्मे आदि हैं।
इससे पूर्व बिहार निवासी विकास कुमार ने ब्रिटेनिका एनसाइक्लोपीडिया के 31 वॉल्यूम को भेजा था। जिसका संग्रहालय में समावेश भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वोदय जागरण मंच के अध्यक्ष नीरज यादव, अन्नदाता के संस्थापक मोहित यादव, ग्रीश पालीवाल, साधना सिंह एवं देवाशीष आर्य मौजूद रहे।