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सैफई में कल्चर एंड डीएसटी लैब सुविधा शीघ्र होगी शुरू
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सैफई। सैफई में कल्चर एंड डीएसटी (ड्रग सेंसिटिविटी टेस्ट) लैब की सुविधा शीघ्र शुरू होगी। उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बन रहे कल्चर एंड डीएसटी लैब का निरीक्षण चेयरमैन यूपी एसटीएफ एनटीईपी (स्पेशल टास्क फोर्स, नेशनल ट्यूबरक्लोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम) एवं विभागाध्यक्ष रेस्पिरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू, लखनऊ डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किया।
निरीक्षण के बाद प्रो सूर्यकांत ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार से मुलाकात की। बताया कि विश्वविद्यालय में कल्चर एंड डीएसटी लैब के स्थापित हो जाने के बाद मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) की कल्चर एंड डीएसटी की सुविधा शुरू हो जाएगी। बताया कि विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में आधुनिक कल्चर एण्ड डीएसटी लैब बन जाने के बाद बिगड़ी हुई टीबी के गंभीर मरीजों को आगरा या लखनऊ नहीं जाना पडे़गा। समय से यहीं जांच हो सकेगी तथा जांच रिपोर्ट के मिलने पर तत्काल इलाज शुरू हो जायेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में टीबी से संबंधित शोध में भी तेजी आयेगी।
डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि आसपास के जनपदों से टीबी के पूरी तरह सफाए के लिए चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई बेहद गंभीर है। इसके लिए टीबी के गंभीर मरीजों के ड्रग सेंसटिविटी टेस्ट के लिए विश्वविद्यालय के मेडिकल कालेज स्थित माइक्रोबॉयलॉजी विभाग में कल्चर एण्ड डीएसटी लैब की स्थापना लगभग पूर्ण हो गई है।
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डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि कल्चर एंड डीएसटी लैब विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बनकर तैयार है। जल्दी ही इस लैब से संबंधित उपकरणों का क्रय कर इस लैब को चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस लैब के चालू हो जाने के बाद आसपास के जनपदों के ड्रग रेजिस्टेंस टीबी रोगियों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. अमित सिंह उपस्थित रहे।
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निरीक्षण के बाद प्रो सूर्यकांत ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार से मुलाकात की। बताया कि विश्वविद्यालय में कल्चर एंड डीएसटी लैब के स्थापित हो जाने के बाद मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) की कल्चर एंड डीएसटी की सुविधा शुरू हो जाएगी। बताया कि विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में आधुनिक कल्चर एण्ड डीएसटी लैब बन जाने के बाद बिगड़ी हुई टीबी के गंभीर मरीजों को आगरा या लखनऊ नहीं जाना पडे़गा। समय से यहीं जांच हो सकेगी तथा जांच रिपोर्ट के मिलने पर तत्काल इलाज शुरू हो जायेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में टीबी से संबंधित शोध में भी तेजी आयेगी।
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डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि आसपास के जनपदों से टीबी के पूरी तरह सफाए के लिए चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई बेहद गंभीर है। इसके लिए टीबी के गंभीर मरीजों के ड्रग सेंसटिविटी टेस्ट के लिए विश्वविद्यालय के मेडिकल कालेज स्थित माइक्रोबॉयलॉजी विभाग में कल्चर एण्ड डीएसटी लैब की स्थापना लगभग पूर्ण हो गई है।
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डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि कल्चर एंड डीएसटी लैब विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बनकर तैयार है। जल्दी ही इस लैब से संबंधित उपकरणों का क्रय कर इस लैब को चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस लैब के चालू हो जाने के बाद आसपास के जनपदों के ड्रग रेजिस्टेंस टीबी रोगियों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. अमित सिंह उपस्थित रहे।