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तीसरी लहर से लड़ने के लिए पुख्ता इंतजाम की कवायद
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आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई
- फोटो : ETAWAH
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सैफई। कोरोना की तीसरी लहर की आहट को देखते हुए उत्तरप्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान अपनी तैयारियों को हर स्तर पर परख रहा है। प्रबंधन ऐसा दावा भी कर रहा है कि तीसरी लहर से लड़ने के लिए उसने हरसंभव इंतजाम पुख्ता कर लिए हैं, जिसमें ऑक्सीजन, आइसोलेशन वार्ड, एसएनसीयू, आईसीयू, लिफ्ट, एंबुलेंस के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। डॉक्टरों की टीम भी गठित कर दी गई है।
कोरोना का नए वेरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से पैर पसार रहा है। इसके मद्देनजर तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है। सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी दे रहे हैं। इसी के चलते अस्पतालों में तैयारियां भी चल रहीं हैं। बार-बार मॉकड्रिल की जा रही है, जिससे खामियों को दूर किया जा सके। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के कुलपति डा. रमाकांत यादव ने अस्पताल का निरीक्षण करके कोविड की इंतजामों को भी कई बार परखा है।
सैफई अस्पताल में 500 बेड का इंतजाम
सैफई अस्पताल में कोविड को लेकर 500 बेड का इंतजाम किया गया है। इसमें 100 बेड बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगे। 50 बेड एसएनसीयू के लिए बनाया गया है और 50 बेड आइसोलेशन के लिए आरक्षित किए गए हैं। 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें 100 बेड आईसीयू के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा 200 अन्य बेड का इंतजाम किया गया है। जिसमें ऐसे स्वास्थ्य कर्मचारियों के आइसोलेशन के लिए भी बेड आरक्षित होंगे, जिनको कोरोना मरीजों के इलाज, देखभाल में लगाया गया है। यदि 500 बेड से भी अधिक की जरूरत पड़ती है तो तुरंत बेड बढ़ाने के लिए भी इंतजाम किया गया है।
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ऑक्सीजन की नहीं होगी कमी
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में ऑक्सीजन के तीन प्लांट पूरी तरह से तैयार हैं। दूसरी लहर के दौरान जो ऑक्सीजन की किल्लत हुई थी, वह तीसरी लहर में नहीं होगी। इसके अलावा लिक्विड ऑक्सीजन का भी इंतजाम किया गया है। कोविड के लिए डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलाकर 25 लोगों की टीम बनाई गई है। इनको प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इसके अलावा ऑक्सीजन, आईसीयू के इंतजाम, एसएनसीयू की स्थिति को भी परख लिया गया है। मॉकड्रिल करवाई जा चुकी है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में लगी लिफ्टों को भी ठीक करा दिया गया है। अन्य जरूरी संसाधनों जैसे फ्लू ओपीडी, कोविड-19 मरीजों के लिए अलग लाउंड्री और मोर्चुरी का भी अलग इंतजाम किया गया है।
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कोरोना का नए वेरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से पैर पसार रहा है। इसके मद्देनजर तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है। सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी दे रहे हैं। इसी के चलते अस्पतालों में तैयारियां भी चल रहीं हैं। बार-बार मॉकड्रिल की जा रही है, जिससे खामियों को दूर किया जा सके। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के कुलपति डा. रमाकांत यादव ने अस्पताल का निरीक्षण करके कोविड की इंतजामों को भी कई बार परखा है।
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सैफई अस्पताल में 500 बेड का इंतजाम
सैफई अस्पताल में कोविड को लेकर 500 बेड का इंतजाम किया गया है। इसमें 100 बेड बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगे। 50 बेड एसएनसीयू के लिए बनाया गया है और 50 बेड आइसोलेशन के लिए आरक्षित किए गए हैं। 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें 100 बेड आईसीयू के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा 200 अन्य बेड का इंतजाम किया गया है। जिसमें ऐसे स्वास्थ्य कर्मचारियों के आइसोलेशन के लिए भी बेड आरक्षित होंगे, जिनको कोरोना मरीजों के इलाज, देखभाल में लगाया गया है। यदि 500 बेड से भी अधिक की जरूरत पड़ती है तो तुरंत बेड बढ़ाने के लिए भी इंतजाम किया गया है।
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ऑक्सीजन की नहीं होगी कमी
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में ऑक्सीजन के तीन प्लांट पूरी तरह से तैयार हैं। दूसरी लहर के दौरान जो ऑक्सीजन की किल्लत हुई थी, वह तीसरी लहर में नहीं होगी। इसके अलावा लिक्विड ऑक्सीजन का भी इंतजाम किया गया है। कोविड के लिए डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलाकर 25 लोगों की टीम बनाई गई है। इनको प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इसके अलावा ऑक्सीजन, आईसीयू के इंतजाम, एसएनसीयू की स्थिति को भी परख लिया गया है। मॉकड्रिल करवाई जा चुकी है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में लगी लिफ्टों को भी ठीक करा दिया गया है। अन्य जरूरी संसाधनों जैसे फ्लू ओपीडी, कोविड-19 मरीजों के लिए अलग लाउंड्री और मोर्चुरी का भी अलग इंतजाम किया गया है।