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जिले में बढ़ा डेंगू का प्रकोप, 38 मामले आए सामने
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जसवंतनगर सीएचसी में बनाया गया डेंगू वार्ड
- फोटो : ETAWAH
इटावा। जिले में मलेरिया और डेंगू के मरीजों को मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। जिला अस्पताल, सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी व निजी अस्पतालों में 38 डेंगू के मरीज सामने आए हैं।
इनमें 20 मरीजों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों में मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया और इटावा जिलों के भी कुछ मरीज शामिल हैं। वहीं, मलेरिया के भी दो-तीन मामले आए हैं।
सीएमओ डॉ.भगवान दास ने शनिवार को कहा था कि जिले में डेंगू और मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है। मंगलवार को सीएमओ ने बताया कि अब जिले में डेंगू और मलेरिया के जो केस आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल में डेंगू के चार मरीजों का उपचार चल रहा है। जिले के जेके हास्पिटल के साथ ही अन्य निजी अस्पतालों में 12 डेंगू मरीज भर्ती हैं। सीएमओ के मुताबिक मलेरिया के भी दो-तीन केस मिले हैं।
रोगियों का इलाज कराया जा रहा है। इधर, सैफई मेडिकल यूनिव र्सिटी में अब तक 39 संदिग्ध डेंगू मरीजों की जांच कराई गई। इसमें 26 केस पॉजिटिव पाए गए।
आठ डेंगू मरीजों सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती हैं। इनमें इटावा के अलावा, औरैया, मैनपुरी व फिरोजाबाद जिले के भी मरीज शामिल हैं। सीएमओ का कहना है कि डेंगू के अधिकांश केस किट की जांच में पॉजिटिव आए हैं। एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट आना बाकी है। फिलहाल सभी डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में बना 35 बेड का डेंडू वार्ड बना
जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके मद्देेनजर जिला अस्पताल में 35 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसमें डॉक्टरों के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ व दवाओं को इंतजाम भी किया गया है।
सीएमएस डॉ. एफएम आर्या ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी में बुखार के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। डेंगू के मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
प्रत्येक सीएचसी में चार बेड आरक्षित
सीएमओ ने बताया कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में डेंगू मरीजों के लिए चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टरों के अलावा दवाओं का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है। ताकि मरीज को इलाज के लिए शहर न आना पड़े।
मेडिकल यूनिवर्सिटी में 100 बेड का वार्ड
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मेडिकल यूनिवर्सिटी में 100 बेड का वार्ड बना दिया गया है। साथ ही टीमों को सक्रिय किया गया है। डेंगू नोडल अधिकारी डॉ.रमाकांत रावत ने बताया कि इस समय डेंगू के 8 मरीज भर्ती हैं। मंगलवार सुबह 39 रिपोर्ट आई थी।
जिनमें से 26 पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें अलग-अलग वार्ड में शिफ्ट है उन्होंने कहा कि लोग अपने आसपास पानी जमा न होने दें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। डेंगू का मच्छर जमा हुए साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है।
लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क कर उपचार कराएं। कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि 100 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है। जिसमें चिकित्सकों की टीम व नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। मरीजों के लिए हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है।
डेंगू के लक्षण
डेंगू में शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार होता है। डेंगू में 104 डिग्री सेल्सियस तक बुखार हो जाता है। मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द होता है। सिर दर्द होने लगता है, उल्टी लगना, आंखों में दर्द, ग्रंथियों में सूजन, त्वचा में लाल चकत्ते। जी मिचलाना।
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इनमें 20 मरीजों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों में मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया और इटावा जिलों के भी कुछ मरीज शामिल हैं। वहीं, मलेरिया के भी दो-तीन मामले आए हैं।
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सीएमओ डॉ.भगवान दास ने शनिवार को कहा था कि जिले में डेंगू और मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है। मंगलवार को सीएमओ ने बताया कि अब जिले में डेंगू और मलेरिया के जो केस आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल में डेंगू के चार मरीजों का उपचार चल रहा है। जिले के जेके हास्पिटल के साथ ही अन्य निजी अस्पतालों में 12 डेंगू मरीज भर्ती हैं। सीएमओ के मुताबिक मलेरिया के भी दो-तीन केस मिले हैं।
रोगियों का इलाज कराया जा रहा है। इधर, सैफई मेडिकल यूनिव र्सिटी में अब तक 39 संदिग्ध डेंगू मरीजों की जांच कराई गई। इसमें 26 केस पॉजिटिव पाए गए।
आठ डेंगू मरीजों सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती हैं। इनमें इटावा के अलावा, औरैया, मैनपुरी व फिरोजाबाद जिले के भी मरीज शामिल हैं। सीएमओ का कहना है कि डेंगू के अधिकांश केस किट की जांच में पॉजिटिव आए हैं। एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट आना बाकी है। फिलहाल सभी डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में बना 35 बेड का डेंडू वार्ड बना
जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके मद्देेनजर जिला अस्पताल में 35 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसमें डॉक्टरों के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ व दवाओं को इंतजाम भी किया गया है।
सीएमएस डॉ. एफएम आर्या ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी में बुखार के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। डेंगू के मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
प्रत्येक सीएचसी में चार बेड आरक्षित
सीएमओ ने बताया कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में डेंगू मरीजों के लिए चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टरों के अलावा दवाओं का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है। ताकि मरीज को इलाज के लिए शहर न आना पड़े।
मेडिकल यूनिवर्सिटी में 100 बेड का वार्ड
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मेडिकल यूनिवर्सिटी में 100 बेड का वार्ड बना दिया गया है। साथ ही टीमों को सक्रिय किया गया है। डेंगू नोडल अधिकारी डॉ.रमाकांत रावत ने बताया कि इस समय डेंगू के 8 मरीज भर्ती हैं। मंगलवार सुबह 39 रिपोर्ट आई थी।
जिनमें से 26 पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें अलग-अलग वार्ड में शिफ्ट है उन्होंने कहा कि लोग अपने आसपास पानी जमा न होने दें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। डेंगू का मच्छर जमा हुए साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है।
लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क कर उपचार कराएं। कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि 100 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है। जिसमें चिकित्सकों की टीम व नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। मरीजों के लिए हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है।
डेंगू के लक्षण
डेंगू में शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार होता है। डेंगू में 104 डिग्री सेल्सियस तक बुखार हो जाता है। मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द होता है। सिर दर्द होने लगता है, उल्टी लगना, आंखों में दर्द, ग्रंथियों में सूजन, त्वचा में लाल चकत्ते। जी मिचलाना।