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कोविड काल में चिकित्सकों ने जिम्मेदारी दिखायी
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मेडिकल इथिक्स सेमिनार में भाग लेती डीएम श्रुति सिंह, कुलपति डा रमाकान्त यादव एवं अन्य।
- फोटो : ETAWAH
सैफई। उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के सेमिनार हाल में मेडिकल इथिक्स की पहली वर्षगांठ का आयोजन किया गया। जिसमें डीएम श्रुति सिंह ने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई में फ्रंट लाइन पर डटे रहे डाक्टर्स एवं हेल्थ केयर वर्कर्स ने बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वाह किया। कोविड के दौरान चिकित्सक एवं हेल्थ केयर वर्कर्स अपने परिवार से दूर रहकर मरीजों की सेवा में लगे रहे।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक अप्रत्याशित चुनौती रही। इस दौरान पूरे विश्व के लिए बेहद गंभीर समय रहा। वैक्सीन आने के बाद कुछ राहत मिली है।
बड़े पैमाने पर लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार के दिशा निर्देशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करने की जरूरत है।
कार्यवाहक कुलपति डॉ.रमाकांत यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान पूरी तनमयता से कोविड-19 एवं नॉन कोविड मरीजों की सेवा की।
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विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में कोविड संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घरों को गए। इस दौरान विश्वविद्यालय में कोविड वैक्सीनेशन भी बडे़ पैमाने पर किया गया।
कोविड-19 संक्रमण तथा कोविड मैनेजमेंट पर नियमित रिसर्च भी किए गए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने पूरी तैयारी कर रखी है। फिजियोलॉजी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ.पंकज कुमार राय, डॉ.अनमोल मेहरे ने भी मेडिकल इथिक्स पर अपने विचार व्यक्त किए।
सेमिनार में डॉ.आलोक कुमार, आलोक कुमार दीक्षित, विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ.एसपी सिंह, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आदेश कुमार, डॉ.अनिल कुमार शर्मा, डॉ.सोमेंद्र पाल सिंह, डॉ.अमित कांत सिंह, डॉ.अनामिका सिंह तथा डा नरेश पाल सिंह, फैकेल्टी मेंबर एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक अप्रत्याशित चुनौती रही। इस दौरान पूरे विश्व के लिए बेहद गंभीर समय रहा। वैक्सीन आने के बाद कुछ राहत मिली है।
बड़े पैमाने पर लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सभी को कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार के दिशा निर्देशों का पूरी कड़ाई के साथ पालन करने की जरूरत है।
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कार्यवाहक कुलपति डॉ.रमाकांत यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान पूरी तनमयता से कोविड-19 एवं नॉन कोविड मरीजों की सेवा की।
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विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में कोविड संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घरों को गए। इस दौरान विश्वविद्यालय में कोविड वैक्सीनेशन भी बडे़ पैमाने पर किया गया।
कोविड-19 संक्रमण तथा कोविड मैनेजमेंट पर नियमित रिसर्च भी किए गए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने पूरी तैयारी कर रखी है। फिजियोलॉजी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ.पंकज कुमार राय, डॉ.अनमोल मेहरे ने भी मेडिकल इथिक्स पर अपने विचार व्यक्त किए।
सेमिनार में डॉ.आलोक कुमार, आलोक कुमार दीक्षित, विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ.एसपी सिंह, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आदेश कुमार, डॉ.अनिल कुमार शर्मा, डॉ.सोमेंद्र पाल सिंह, डॉ.अमित कांत सिंह, डॉ.अनामिका सिंह तथा डा नरेश पाल सिंह, फैकेल्टी मेंबर एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।