{"_id":"609abbf08ebc3eb1f33b80d8","slug":"dispose-of-waste-around-kovid-and-emergency-wards-etawha-news-knp627888047","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड और इमर्जेँसी वार्ड के आसपास कचरा निस्तारण करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड और इमर्जेँसी वार्ड के आसपास कचरा निस्तारण करें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैफई (इटावा)। चिकित्सा विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने मंगलवार को इमरजेंसी ट्रामा सेंटर, फ्लू ओपीडी और कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण किया। इमरजेंसी और कोविड अस्पताल के बाहर साफ सफाई रखने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
इमरजेंसी वार्ड में जीवन रक्षक औषधियों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी ली। इमरजेंसी तथा न्यूरो वार्ड में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से सुविधाओं की जानकारी भी ली। एमआरआई, सीटी स्कैन तथा अल्ट्रासाउंड यूनिट को भी देखा। कार्यवाहक कुलपति ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर अपने चरम पर है। ऐसे समय डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यायल का इमरजेंसी विभाग तथा कोविड-19 अस्पताल मरीजों की सेवा में लगा है। हमारी कोशिश है कि कोविड संक्रमित और अन्य मरीजों को बेहतर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों को बेवजह चिकित्सा विश्वविद्यालय आने से बचना चाहिए। जरूरी होने पर विश्वविद्यालय की ई-ओपीडी टेलीमेडिसिन सेवा लें। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा और अन्य अधिकारी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इमरजेंसी वार्ड में जीवन रक्षक औषधियों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी ली। इमरजेंसी तथा न्यूरो वार्ड में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से सुविधाओं की जानकारी भी ली। एमआरआई, सीटी स्कैन तथा अल्ट्रासाउंड यूनिट को भी देखा। कार्यवाहक कुलपति ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर अपने चरम पर है। ऐसे समय डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यायल का इमरजेंसी विभाग तथा कोविड-19 अस्पताल मरीजों की सेवा में लगा है। हमारी कोशिश है कि कोविड संक्रमित और अन्य मरीजों को बेहतर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों को बेवजह चिकित्सा विश्वविद्यालय आने से बचना चाहिए। जरूरी होने पर विश्वविद्यालय की ई-ओपीडी टेलीमेडिसिन सेवा लें। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा और अन्य अधिकारी रहे।
विज्ञापन