चकरनगर। दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर गौहानी में चल रही भागवत कथा में आचार्य डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया। कहा कि ईश्वर कर्म का फल अवश्य देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण व रुक्मिणी की झांकी भी सजाई गई।
डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण विष्णु के अवतार है। श्रीकृष्ण ने मानव को संदेश दिया है कि लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए पुरुषार्थ करना जरूरी है। अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। कर्म से भाग्य बनता है और पुरुषार्थ से ही मनुष्य को लक्ष्मी, सुख, संपदा मिलती है। मनुष्य को निष्काम भाव से अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। ईश्वर कर्म का फल अवश्य देता है। यज्ञाचार्य डॉ. ब्रह्म कुमार मिश्र, आचार्य विकास कृष्ण शुक्ल, अमरदीप दुबे, कौशलेंद्र शास्त्री, हरिओम ने विधि-विधान से यज्ञ करवाया। श्रद्धालु सुबह से ही भागवत भगवान की परिक्रमा करते रहे। यज्ञ आयोजक लालदास जी महाराज वैरागी ने सभी भक्तों से यज्ञ में पधारने का आह्वान किया है।