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किशोरी से दुष्कर्म में दस साल की जेल
अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:19 AM IST
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मोहम्मद कमरुज्जमा की विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट कोर्ट ने बुधवार को किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
16 नवंबर 2013 को इकदिल थाना के एक गांव में रहने वाले युवक की बेटी को उसका रिश्तेदार आदेश कुमार स्कूल से बहला फुसला कर ले गया। किशोरी जब घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। खोजबीन में सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने आदेश के खिलाफ इकदिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी को राजस्थान से बरामद किया।
पुलिस ने जब किशोरी से पूछताछ की तो उसने बताया कि आदेश उसे बहला फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म व पाक्सो की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोहम्मद कमरुज्जमा की कोर्ट में हुई। न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलों को सुना। सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्रकुमार ने दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आदेश को दोषी ्लकरार दिया। उसे दस साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। यदि उसने पांच हजार रुपया के अर्थदंड का भुगतान नहीं किया तो उसे तीन माह का कारावास भोगना पडे़गा।
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16 नवंबर 2013 को इकदिल थाना के एक गांव में रहने वाले युवक की बेटी को उसका रिश्तेदार आदेश कुमार स्कूल से बहला फुसला कर ले गया। किशोरी जब घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। खोजबीन में सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने आदेश के खिलाफ इकदिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी को राजस्थान से बरामद किया।
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पुलिस ने जब किशोरी से पूछताछ की तो उसने बताया कि आदेश उसे बहला फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म व पाक्सो की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोहम्मद कमरुज्जमा की कोर्ट में हुई। न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलों को सुना। सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्रकुमार ने दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आदेश को दोषी ्लकरार दिया। उसे दस साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। यदि उसने पांच हजार रुपया के अर्थदंड का भुगतान नहीं किया तो उसे तीन माह का कारावास भोगना पडे़गा।
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