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परिवार को बंधक बना तीस लाख की लूटपाट

Thu, 09 Jul 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Thu, 09 Jul 2015 11:15 PM IST
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Family hostage looting of three million

चार सशस्त्र बदमाशों ने बुधवार की रात टीचर के परिवार को बंधक बनाकर करीब तीस लाख रुपये की लूटपाट की। हथियारों से लैस बदमाश पड़ोसी की छत से टीचर के घर में घुसे थे।

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बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को डरा धमकाकर उन्हीं से नकदी और कीमती सामान निकलवाया। इसके बाद वे टीचर की बाइक लेकर भाग निकले। घटना की भनक पड़ोसियों तक को नहीं लगी।
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पुलिस घटना की पड़ताल के साथ ही इस बात की भी छानबीन कर रही है कि इतनी बड़ी रकम घर पर किस मकसद से रखी थी।  चौबिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय परौली रमायन में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात ईश्वर दयाल गुप्ता का मकान इकदिल क्षेत्र में नवविकसित कालोनी ओमपुरम में स्थित है।
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वह घर पर पत्नी रमा, पुत्र अजय, पुत्रवधू पूजा व बेटी आरती के साथ रहते हैं। बुधवार की रात करीब दो बजे पड़ोसी के मकान की छत से चार नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर उनके घर में घुसे। बदमाशों ने मकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहे टीचर के पुत्र व पुत्रवधू को हथियारों के बल पर बंधक बनाया।

दोनों को लेकर बदमाश ग्राउंड फ्लोर पर आए और यहां सो रहे ईश्वर दयाल व उनकी पत्नी व बेटी को एक साथ कमरे में कैद कर दिया। बदमाशों ने टीचर के परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए उन पर दबाव बनाया और घर में रखी नकदी व जेवरात के बारे में जानकारी हासिल की।

दहशत में आए परिजनों ने बदमाशों को अलमारी आदि की चाबी सौंप दी और कीमती सामान के बारे में बता दिया। करीब एक घंटे तक बदमाशों ने यहां लूटपाट की। ईश्वर दयाल के मुताबिक, लुटेरे घर से ग्यारह लाख रुपये नकद सहित बीस लाख रुपये का जेवर लूट ले गए।

लूटपाट के बाद लुटेरों सभी लोगों को कमरे में बंद करके मेन गेट से टीचर की बाइक लेकर फरार हो गए। बदमाशों के जाने पर टीचर ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और चीख पुकार करके पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों ने कमरे में बंद लोगों को मुक्त कराया। कंट्रोल रूम को सूचना देने के करीब चार घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ सिटी शिवराज सिंह के अलावा इकदिल थाना प्रभारी ने मौके पर छानबीन की। फील्ड यूनिट, क्राइम ब्रांच और डॉग स्क्वायड की टीम ने सुराग जुटाए।

टीचर ईश्वरदयाल ने बताया लूटे गए जेवर उनकी पत्नी, पुत्रवधू व दो बेटियों के थे। एसएसपी ने बताया कि टीचर के मुताबिक उनके घर से करीब तीस लाख रुपये का माल लूटा गया है। क्राइम ब्रांच के साथ ही थाना पुलिस की टीमों को लुटेरों की तलाश में लगाया गया है।

कहां से आई इतनी संपत्ति, होगी जांच
टीचर ईश्वर दयाल गुप्ता के यहां लूट की वारदात होने के बाद पुलिस को बताया गया कि लुटेरे घर से 11 लाख रुपये नकद व बीस लाख रुपये के जेवरात लूट ले गए। ईश्वरदयाल गुप्ता का कहना है था कि 11 लाख रुपये की रकम उसकी पत्नी ने जोड़-जोड़ कर जमा की थी।

घर में इतनी बड़ी रकम और ज्वैलरी मौजूद होने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। थानाध्यक्ष इकदिल दिनेशचंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षक के घर इतनी नकदी और इतनी मात्रा में जेवरात कहां से आए इसकी भी जांच की जाएगी।

सूचना न देने पर मुंशी निलंबित
टीचर के यहां हुई लूट के बाद सूचना देरी से देने के आरोप में एसएसपी मंजिल सैनी ने इकदिल थाना के मुंशी भैयालाल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पीड़ित टीचर का आरोप था की वारदात के बाद उसने सुबह करीब चार बजे ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी थी।

जबकि पीड़ित के घर पुलिस टीम चार घंटे बाद सुबह आठ बजे पहुंची। दरअसल कंट्रोल रूम को सूचना मिलने के बाद वहां से इकदिल थाना को तत्काल सूचना दी गई थी। ड्यूटी पर तैनात मुंशी भैयालाल यादव ने थानाध्यक्ष के साथ संबंधितों को सूचना नहीं दी थी। जांच में मामला उजागर होने के बाद एसएसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है।

जानकार के शामिल होने की आशंका
इटावा। टीचर के घर में हुई तीस लाख की लूट से पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है। लुटेरों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया उसमें किसी जानकार के शामिल होने का अनुमान है।

दरअसल बदमाश पूरी रेकी के साथ टीचर के घर में घुसे। पुलिस के शक की सुई टीचर के पड़ोस में रहने वालों पर भी है। सूत्रों के मुताबिक, पड़ोसी के मकान से तलाशी में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं।

ओमपुरम कालोनी निवासी टीचर ईश्वर दयाल गुप्ता के घर में लुटेरों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया उससे यही लग रहा है कि वारदात में कोई जानकार व्यक्ति शामिल है। लुटेरे पड़ोस में बने मकान की छत से टीचर के घर में घुसे। पड़ोसी के घर तलाशी में पुलिस को नमकीन, चिस्प के खाली रैपर के साथ ही कोल्ड ड्रिंक्स की खाली बोतलें भी मिलीं।

इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने से पहले लुटेरे यहां रुके होंगे। पड़ोसी के यहां से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस अनुमान लगा रही है कि हो सकता है कि एक लुटेरा पहले ही पड़ोसी के मकान में आया।

इसके बाद रात के समय उसने पड़ोसी के मेन गेट का ताला तोड़ा और अपने साथियों को अंदर किया। इसके बाद लुटेरों ने पड़ोसी के गेट का ताला तोड़ा और छत पर पहुंचे। छत के रास्ते से ही लुटेरे टीचर के घर में घुसे। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है।

पूरी तरह से सुरक्षित था घर, इसके बाद भी भीतर घुस गए बदमाश
टीचर का घर पूरी तरह से सुरक्षित है। मकान में कहीं से भी अंदर घुसने की कोई गुंजाइश नहीं है। सिर्फ एक जगह ऐसी थी जहां से मकान में प्रवेश किया जा सकता था। लुटेरों ने भी इसी जगह का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने में किया। सुरक्षा की दृष्टि से टीचर ने मकान के चारों ओर लोहे की नुकीली पत्तियों को लगवाया था।

चोर पड़ोसी की छत से किसी तरह लोहे की इन पत्तियों को पार करके टीचर की छत पर आए। ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में टीचर का बेटा और बहू सो रहे थे। छज्जे पर बने कमरे की खिड़की में लोहे की जाली नहीं लगी थी।

चोर इसी खिड़की के कमरे में घुसे और फिर टीचर के बेटे व बहू को बंधक बनाया। इसके बाद चोर सीढ़ियों के रास्ते से नीचे की मंजिल पर आए।

लुटेरे कहीं बाहर के तो नहीं
टीचर के घर में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरों ने भागने के लिए टीचर की बाइक का ही इस्तेमाल किया। हथियारों की दम पर लुटेरों ने टीचर से उसकी बाइक की चाबी मांगी।


बाइक की चाबी लेने के बाद उन्होंने आपस में ट्रेन का समय होने की बात कही। लुटेरों ने टीचर से दो टूक शब्दों में कहा कि वह बाइक स्टेशन पर छोड़ जाएंगे, वहीं से वह अपनी बाइक ले लें।

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