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लूटपाट के बाद महिला की हत्या में दो को आजीवन कारावास
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
लूटपाट के बाद महिला की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम विकास सक्सेना ने दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 37-37 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
25 अगस्त 2006 को राजदरबार होटल के मालिक ने सिविल लाइंस पुलिस को सूचना दी थी कि दोपहर एक बजे एक बुजुर्ग महिला के साथ दो व्यक्ति होटल में आए। तीनों ने होटल में कमरा बुक कराया। इसके बाद शाम लगभग पांच बजे कमरे में टीवी की आवाज तेज कर दी। वेटर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, आवाज दी। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर देखा तो महिला पलंग पर लेटी दिखी। टीवी चल रहा था। वेटर ने टीवी बंद करके महिला को देखा तो वह मृत सी लगी। सिविल लाइंस पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को देखा। महिला की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। होटल मालिक की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी। पीएम रिपोर्ट में महिला की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। अखबारों में खबर छपने के बाद महिला का पुत्र रमेश नट सिविल लाइंस थाने पहुंचा। उसने 27 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी मां विद्यावती पत्नी मुन्नालाल टकपुरा थाना सिविल लाइंस की रहने वाली थी। उसने पौने दो बीघा जमीन का बैनामा 16 अगस्त 2006 को किया था। उसी धनराशि को लूटने के इरादे से गांव के ही अशोक नट एवं लक्ष्मी नारायण उर्फ गूंगा ने मिलकर उसकी गांव से यहां लाकर हत्या कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अशोक नट एवं लक्ष्मीनरायन उर्फ गूंगा के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। राज्य की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता इम्त्यिाज अहमद अंसारी ने बहस की। बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विकास सक्सेना ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
- लूटपाट के बाद महिला की हत्या में दो को उम्रकैद
- विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कोर्ट का फैसला
- दोनों पर 37-37 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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इटावा।
लूटपाट के बाद महिला की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम विकास सक्सेना ने दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 37-37 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
25 अगस्त 2006 को राजदरबार होटल के मालिक ने सिविल लाइंस पुलिस को सूचना दी थी कि दोपहर एक बजे एक बुजुर्ग महिला के साथ दो व्यक्ति होटल में आए। तीनों ने होटल में कमरा बुक कराया। इसके बाद शाम लगभग पांच बजे कमरे में टीवी की आवाज तेज कर दी। वेटर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, आवाज दी। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर देखा तो महिला पलंग पर लेटी दिखी। टीवी चल रहा था। वेटर ने टीवी बंद करके महिला को देखा तो वह मृत सी लगी। सिविल लाइंस पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को देखा। महिला की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। होटल मालिक की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी। पीएम रिपोर्ट में महिला की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। अखबारों में खबर छपने के बाद महिला का पुत्र रमेश नट सिविल लाइंस थाने पहुंचा। उसने 27 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी मां विद्यावती पत्नी मुन्नालाल टकपुरा थाना सिविल लाइंस की रहने वाली थी। उसने पौने दो बीघा जमीन का बैनामा 16 अगस्त 2006 को किया था। उसी धनराशि को लूटने के इरादे से गांव के ही अशोक नट एवं लक्ष्मी नारायण उर्फ गूंगा ने मिलकर उसकी गांव से यहां लाकर हत्या कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अशोक नट एवं लक्ष्मीनरायन उर्फ गूंगा के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। राज्य की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता इम्त्यिाज अहमद अंसारी ने बहस की। बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विकास सक्सेना ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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- लूटपाट के बाद महिला की हत्या में दो को उम्रकैद
- विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कोर्ट का फैसला
- दोनों पर 37-37 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया