चुनाव ड्यूटी से लौटे सिपाहियों का वैशाली एक्सप्रेस में हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगलवार रात इटावा स्टेशन पर पहुंची वैशाली एक्सप्रेस में चुनाव ड्यूटी से लौटे सैकड़ों सिपाहियों ने कब्जा जमा लिया। जब ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने इसका विरोध किया तो सिपाहियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सिपाही ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास कोच में भी घुस गए। आरपीएफ और रेल अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन सिपाही उनसे भी भिड़ गए। जिसके बाद जीआरपी को भी बुला लिया गया और कड़ी मशक्कत के बाद एसी कोच को खाली कराया जा सका। सिपाहियों से 2560 रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके चलते रात एक घंटे तक ट्रेन इटावा स्टेशन पर खड़ी रही।
मंगलवार रात दो बजकर 12 मिनट पर 12554 डाउन वैशाली एक्सप्रेस जैसे ही इटावा स्टेशन पर पहुंची, चुनाव ड्यूटी से लौटे सैकड़ों सिपाही ट्रेन में चढ़ गए। यात्रियों ने कोच में भारी भीड़ होने पर इसका विरोध किया तो सिपाहियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच एसी प्रथम श्रेणी के कोच एफ में यात्रा कर रहे रेल मंत्रालय के एक अधिकारी से भी कुछ सिपाहियों ने कोच में बैठने को लेकर कहासुनी शुरू कर दी। इस पर उन्होंने तुरंत ही मामले की जानकारी रेलवे के मंडलीय अधिकारियों को दी। जिस पर रेलवे ने तुरंत ही आरपीएफ को मामले से निपटने के निर्देश दिए। स्टेशन अधीक्षक आरके त्रिपाठी, आरपीएफ प्रभारी डीबी सिंह, सीएमआई रोहित कुमार, सीआईटी स्टाफ, थाने के फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जब आरपीएफ ने सिपाहियों से एसी कोच से उतरने को कहा तो सिपाही आरपीएफ से भिड़ गए और अभद्रता शुरू कर दी। मामला बिगड़ता देख मौके पर जीआरपी को भी बुला लिया गया और 100 नंबर पर भी इसकी जानकारी दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद कोच में सवार हुए सिपाहियों को जैसे तैसे उतारकर थाने लाया गया और ट्रेन को 3 बजकर 7 मिनट पर आगे के लिए रवाना कर दिया गया। रेल नियम तोड़ने वाले सिपाहियों को थाने में लाकर उनसे 2560 रुपये का जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया।