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हनुमान घाट पर चलाया गया स्वच्छता अभियान
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इटावा। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई की स्वयंसेवक छात्राओं ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत यमुना नदी के तट पर स्वच्छता अभियान चलाया।
कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर रेखा के नेतृत्व में स्वयंसेवकों का दल यमुना नदी के किनारे हनुमान घाट पहुंचा और वहां सफाई की। नदी के कछार में बहकर आए अपशिष्ट पदार्थों का निस्तारण किया।
उन्होंने वहां के स्थानीय जन को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। स्थानीय लोगों ने अपने जल संसाधन को स्वच्छ रखने के लिए संकल्प लिया।
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इस अवसर पर इकाई की कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर रेखा ने नदियों की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला और इस समूचे परिक्षेत्र को जैव विविधता से भरपूर बताया।
प्रोफेसर चंद्र प्रभा ने इटावा की भौगोलिक विशिष्टता को रेखांकित किया। डॉ. रमाकांत राय, डॉ. अनुपम सिंह ने नदियों को किसी भी सभ्यता के जीवन रेखा के रूप में देखने के लिए कहा।
बताया कि यदि नदियों के जल को स्वच्छ न रखा गया तो यह हमारे जीवन पर सीधा असर डालेंगी। स्वयंसेवकों का दल स्वच्छता अभियान के बाद राजा सुमेर सिंह किले पर भी पहुंचा, किंतु छात्राएं अंदर नहीं जा सकीं।
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कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर रेखा के नेतृत्व में स्वयंसेवकों का दल यमुना नदी के किनारे हनुमान घाट पहुंचा और वहां सफाई की। नदी के कछार में बहकर आए अपशिष्ट पदार्थों का निस्तारण किया।
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उन्होंने वहां के स्थानीय जन को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। स्थानीय लोगों ने अपने जल संसाधन को स्वच्छ रखने के लिए संकल्प लिया।
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इस अवसर पर इकाई की कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर रेखा ने नदियों की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला और इस समूचे परिक्षेत्र को जैव विविधता से भरपूर बताया।
प्रोफेसर चंद्र प्रभा ने इटावा की भौगोलिक विशिष्टता को रेखांकित किया। डॉ. रमाकांत राय, डॉ. अनुपम सिंह ने नदियों को किसी भी सभ्यता के जीवन रेखा के रूप में देखने के लिए कहा।
बताया कि यदि नदियों के जल को स्वच्छ न रखा गया तो यह हमारे जीवन पर सीधा असर डालेंगी। स्वयंसेवकों का दल स्वच्छता अभियान के बाद राजा सुमेर सिंह किले पर भी पहुंचा, किंतु छात्राएं अंदर नहीं जा सकीं।