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बुखार से दो युवकों की मौत
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इटावा/बकेवर/महेवा। जिले में बुखार व डेंगू से मरने वालों का सिलसिला थमा नहीं है। बृहस्पतिवार को वायरल फीवर से पीड़ित दो युवकों की मौत हो गई। कई लोग बुखार और डेंगू की चपेट में है, जिनका सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अभी तक डेंगू या वायरल बुखार से एक भी मौत नहीं हुई है। बकेवर कस्बे के लोहिया नगर निवासी लाखन सिंह के बेटे विकास कुशवाहा (30) को दो दिन से बुखार आ रहा था। उसका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था।
बुधवार की देर रात विकास की हालत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगी। हाथ-पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया। उसकी हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर से फौरन विकास को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया।
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यूनिवर्सिटी में पूरी रात उसका उपचार चला, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल में ही उसकी सांसें थम गईं। विकास की मौत की खबर सुनते ही परिवार में लोग बदहवास हो गए।
रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया। विकास की शादी दो साल पहले हुई थी। उसके दो माह का एक बेटा है। विकास शादी-विवाह समारोह में लाइट व स्टेज का सजाने का अपना काम करता था।
उधर, महेवा ब्लॉक क्षेत्र बहेड़ा गांव निवासी पप्पू तिवारी का बेटा गोपाल तिवारी (20) पिछले एक साल से पेट की बीमारी से परेशान था। बुधवार की रात अचानक तेज बुखार से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
परिजन उसे एक निजी चिकित्सक की क्लीनिक में ले गए। डॉक्टर ने उसे दवा दी। परिजनों के मुताबिक, गोपाल को घर लाने के बाद उसे दवा दी, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार की सुबह घर पर ही उसकी मौत हो गई।
गोपाल के निधन पर ग्राम प्रधान विजय प्रताप सिंह सेंगर, पूर्व प्रधान राहुल तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, समाजसेवी हरिशरण तिवारी समेत कई लोगों ने शोक जताया है। इसके अलावा जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के कई स्थानों डेंगू व बुखार से तमाम लोग पीड़ित है। इनमें से कुछ का अस्पतालों में तो कई घरों में रहकर उपचार करा रहे हैं।
विकास विभाग की टीम ने सफाई कराई
ऊसराहार। क्षेत्र में डेंगू व वायरल बुखार के मद्देनजर विकास विभाग की टीम कई गांवों में साफ-सफाई और फागिंग करवाई। कस्बे में इस समय बुखार से लोगों का हाल बेहाल है। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बदहाल है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
पिछले दिनों कस्बे के भरथना रोड में रहने वाले दो लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। लोगों ने सफाई की मांग को लेकर बुधवार को सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम ताखा सत्यप्रकाश मिश्रा को सौंपा था।
बृहस्पतिवार को एसडीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने 27 कर्मियों की टीम लगाकर ऊसराहार के किशनी रोड, बिधूना रोड, सरसई नावर रोड, भरथना रोड, बस्ती की गलियों में सफाई कराई।
एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। जगह-जगह लगे कूडे़ के ढेर को हटाया गया। सड़क किनारे खड़ी घास की सफाई कराई गई। बस्ती की गलियों में नालियों की सफाई कराई गई।
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वहीं, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अभी तक डेंगू या वायरल बुखार से एक भी मौत नहीं हुई है। बकेवर कस्बे के लोहिया नगर निवासी लाखन सिंह के बेटे विकास कुशवाहा (30) को दो दिन से बुखार आ रहा था। उसका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था।
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बुधवार की देर रात विकास की हालत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगी। हाथ-पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया। उसकी हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर से फौरन विकास को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया।
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यूनिवर्सिटी में पूरी रात उसका उपचार चला, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल में ही उसकी सांसें थम गईं। विकास की मौत की खबर सुनते ही परिवार में लोग बदहवास हो गए।
रिश्तेदारों ने दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया। विकास की शादी दो साल पहले हुई थी। उसके दो माह का एक बेटा है। विकास शादी-विवाह समारोह में लाइट व स्टेज का सजाने का अपना काम करता था।
उधर, महेवा ब्लॉक क्षेत्र बहेड़ा गांव निवासी पप्पू तिवारी का बेटा गोपाल तिवारी (20) पिछले एक साल से पेट की बीमारी से परेशान था। बुधवार की रात अचानक तेज बुखार से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
परिजन उसे एक निजी चिकित्सक की क्लीनिक में ले गए। डॉक्टर ने उसे दवा दी। परिजनों के मुताबिक, गोपाल को घर लाने के बाद उसे दवा दी, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार की सुबह घर पर ही उसकी मौत हो गई।
गोपाल के निधन पर ग्राम प्रधान विजय प्रताप सिंह सेंगर, पूर्व प्रधान राहुल तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, समाजसेवी हरिशरण तिवारी समेत कई लोगों ने शोक जताया है। इसके अलावा जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के कई स्थानों डेंगू व बुखार से तमाम लोग पीड़ित है। इनमें से कुछ का अस्पतालों में तो कई घरों में रहकर उपचार करा रहे हैं।
विकास विभाग की टीम ने सफाई कराई
ऊसराहार। क्षेत्र में डेंगू व वायरल बुखार के मद्देनजर विकास विभाग की टीम कई गांवों में साफ-सफाई और फागिंग करवाई। कस्बे में इस समय बुखार से लोगों का हाल बेहाल है। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बदहाल है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
पिछले दिनों कस्बे के भरथना रोड में रहने वाले दो लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। लोगों ने सफाई की मांग को लेकर बुधवार को सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम ताखा सत्यप्रकाश मिश्रा को सौंपा था।
बृहस्पतिवार को एसडीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने 27 कर्मियों की टीम लगाकर ऊसराहार के किशनी रोड, बिधूना रोड, सरसई नावर रोड, भरथना रोड, बस्ती की गलियों में सफाई कराई।
एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। जगह-जगह लगे कूडे़ के ढेर को हटाया गया। सड़क किनारे खड़ी घास की सफाई कराई गई। बस्ती की गलियों में नालियों की सफाई कराई गई।