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बारिश के ठहरते ही तेज की बाजरे की बुआई
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इटावा। चार दिन से बारिश न होने की वजह से शुक्रवार को किसानों ने बाजरे की बुआई शुरू कर दी। सुबह से किसान खेेतों में जुट गए।
दरअसल, समय से बारिश न होने की वजह से धान की बुआई पहले ही प्रभावित हो चुकी है। अब पिछले दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से बाजरे की बुआई नहीं हो पा रही थी। जिले में बाजरे का 39 हजार हेक्टेयर का रकबा है। इसमें से 12 हजार हेक्टेयर की बुआई 15 दिन पहले हो चुकी थी, लेकिन बारिश की वजह से काफी बीज नष्ट हो है।
किसान गजेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश हो रही थी। इस वजह से खेतों में ओट नहीं बनने से बाजरे की बुआई प्रभावित थी। चार दिनों से बारिश ठहरी है। ऐसे में बुआई की है। किसान रामलखन का कहना है कि बुआई कर दी है। अब कम से कम 10 दिन तेज बारिश न हो तो बाजरे की फसल अच्छी हो सकेगी।
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दरअसल, समय से बारिश न होने की वजह से धान की बुआई पहले ही प्रभावित हो चुकी है। अब पिछले दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से बाजरे की बुआई नहीं हो पा रही थी। जिले में बाजरे का 39 हजार हेक्टेयर का रकबा है। इसमें से 12 हजार हेक्टेयर की बुआई 15 दिन पहले हो चुकी थी, लेकिन बारिश की वजह से काफी बीज नष्ट हो है।
किसान गजेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश हो रही थी। इस वजह से खेतों में ओट नहीं बनने से बाजरे की बुआई प्रभावित थी। चार दिनों से बारिश ठहरी है। ऐसे में बुआई की है। किसान रामलखन का कहना है कि बुआई कर दी है। अब कम से कम 10 दिन तेज बारिश न हो तो बाजरे की फसल अच्छी हो सकेगी।
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