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आग लगने के बाद जागा प्रशासन, आयोजकों को चेताया
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भरथना। रामलीला पंडाल में सोमवार शाम को आग लगने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजकों और व्यापारियों के साथ बैठक की गई। एसडीएम कुमार सत्यमजीत ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों में लगाई जाने वली झालरों व जेनरेटर के तार खुले नहीं छोड़ें। आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम रखे जाएं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीओ विजय सिंह ने कहा कि दीवाली पर्व को लेकर आतिशबाजी बेचने वाले दुकानदार आग से बचाव के इंतजाम कर लें। मानक पूरा करने वाले दुकानदारों को ही आतिशबाजी बेचने की स्वीकृति दी जाएगी।
बैठक में तहसीलदार अशोक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, कोतवाल मंसूर अहमद मौजूद रहे। रामलीला समिति के संरक्षक सत्यप्रकाश यादव, बड़े भदौरिया, विपिन यादव, नव दुर्गा पूजा महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्यामजी पोरवाल, अरविंद चौरसिया, व्यापारी नेता विमल पोरवाल बंटी, प्रदीप पोरवाल, रवि पोरवाल, विवेक पोरवाल, कमलेश यादव ने सहयोग की बात कही है।
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ये हैं मानक
- किसी भी दशा में पंडाल तीन मीटर से कम ऊंचाई का न लगाया जाए।
- पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग न हो।
- पंडाल के चारों तरफ साढ़े चार मीटर खुला स्थान होना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
- बिजली की लाइन के नीचे पंडाल किसी भी दशा में ना लगाया जाए।
- कोई भी पंडाल रेलवे लाइन, सबस्टेशन, चिमनी या भट्ठी से कम से कम 15 मीटर दूर हों।
- बाहर निकलने का गेट कम से कम पांच मीटर चौड़ा हो।
- बिजली की व्यवस्था लाइसेंसधारी ठेकेदारों से ही कराएं
बंदर के बल्ब फोड़ने से लगी थी आग
सोमवार देर शाम रामलीला के मंच पर आग लग गई थी। मंगलवार को वहां सजावट का काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि सजावट के दौरान एक बंदर ने ऊपरी हिस्से में लगे बल्ब को फोड़ दिया था। इसका एलीमेंट जलता रहा और इसके गिरने से ही आग लग गई थी।
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सीओ विजय सिंह ने कहा कि दीवाली पर्व को लेकर आतिशबाजी बेचने वाले दुकानदार आग से बचाव के इंतजाम कर लें। मानक पूरा करने वाले दुकानदारों को ही आतिशबाजी बेचने की स्वीकृति दी जाएगी।
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बैठक में तहसीलदार अशोक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, कोतवाल मंसूर अहमद मौजूद रहे। रामलीला समिति के संरक्षक सत्यप्रकाश यादव, बड़े भदौरिया, विपिन यादव, नव दुर्गा पूजा महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्यामजी पोरवाल, अरविंद चौरसिया, व्यापारी नेता विमल पोरवाल बंटी, प्रदीप पोरवाल, रवि पोरवाल, विवेक पोरवाल, कमलेश यादव ने सहयोग की बात कही है।
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ये हैं मानक
- किसी भी दशा में पंडाल तीन मीटर से कम ऊंचाई का न लगाया जाए।
- पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग न हो।
- पंडाल के चारों तरफ साढ़े चार मीटर खुला स्थान होना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
- बिजली की लाइन के नीचे पंडाल किसी भी दशा में ना लगाया जाए।
- कोई भी पंडाल रेलवे लाइन, सबस्टेशन, चिमनी या भट्ठी से कम से कम 15 मीटर दूर हों।
- बाहर निकलने का गेट कम से कम पांच मीटर चौड़ा हो।
- बिजली की व्यवस्था लाइसेंसधारी ठेकेदारों से ही कराएं
बंदर के बल्ब फोड़ने से लगी थी आग
सोमवार देर शाम रामलीला के मंच पर आग लग गई थी। मंगलवार को वहां सजावट का काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि सजावट के दौरान एक बंदर ने ऊपरी हिस्से में लगे बल्ब को फोड़ दिया था। इसका एलीमेंट जलता रहा और इसके गिरने से ही आग लग गई थी।