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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   A perilous highway journey; every step a threat to life.

Etawah News: हाईवे पर सफर में दुश्वारी, हर कदम जान पर भारी

Fri, 02 Oct 2026 11:18 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Fri, 02 Oct 2026 11:18 PM IST
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A perilous highway journey; every step a threat to life.
फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद
इटावा। कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर सफर दुश्वारियों और जोखिम भरा है। यहां हाईवे पर जगह-जगह खड़े होने वाले वाहन हादसों को दावतें देते हैं। वहीं दोनों लेन पर गड्ढे भी हादसों का कारण बनते हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार और जरा सी चूक में लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। इसका खुलासा जिला सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट में हुआ है।
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इसमें बीते आठ माह में 202 लोगों की हादसों में जान चली गई जिसमें सिर्फ अगस्त में 20 लोग काल के गाल में समा गए। इसमें सबसे अधिक हादसे नेशनल हाईवे हुए हैं, जिसमें 10 लोगों की जान गई हैं। हादसों के पीछे मुख्य वजह हाईवे किनारे खड़े होने वाले वाहन व गड्ढे रहे। शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने इकदिल से लेकर डीपीएस स्कूल तक करीब 15 किमी हाईवे की पड़ताल की। इस दौरान हाईवे किनारे 61 बड़े वाहन खड़े थे। कोई वाहन चालक दोपहर में आराम कर रहा था तो गाड़ी काम में हवा या थोड़ा बहुत काम करवा रहा था।
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सीन-1
मानिकपुर मोड़ पर अक्सर होते हादसे, फिर नहीं होती कार्रवाई
नेशनल हाईवे स्थित मानिकपुर रोड सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। यहां हाईवे के दोनों तरफ हर समय छोटे-बड़े वाहन वाहन खड़े रहे हैं। इस दौरान हाईवे से आने वाले वाहन देर शाम या सुबह के समय हाईवे किनारे वाहनों से टकरा जाते हैं। इसमें अक्सर लोगों की जान चली जाती है। शुक्रवार दोपहर ट्राला संख्या बीआर 28 सी सीओ 733 हाईवे किनारे खड़ा था। संवेदनशील क्षेत्र होने के बाद भी यहां अफसरों की ओर से सख्ती से कार्रवाई नहीं होती हैं। जिससे हादसों की संख्या दिन-पर-दिन बढ़ती जा रही है।
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सीन-2
उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाकर उठाते जान का जोखिम नेशनल हाईवे पर हाईवे पर इकदिल क्षेत्र के पिलखर के पास छोटे-बड़े वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां हाईवे की दूसरी लेन में जाने के लिए दूर तक कट नहीं बना है। इसकी वजह से बाइक व कार चालक जल्दबाजी में उल्टी दिशा में करीब पांच किमी तक वाहन चलाकर जान का जोखिम उठाते हैं। इतना ही नहीं कई बार हाईवे पर आ रहे तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर हादसे का शिकार भी होते हैं।
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सीन-3
काम करवाने के बहाने खड़े रहते वाहन
नेशनल हाईवे पर वाहन चालक काम करवाने के बहाने रोड किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। शुक्रवार दोपहर एक गैस सिलिंडर से भरी डीसीएम संख्या यूपी16 जीटी 6205 खड़ी थी। ऐसे वाहन छोटा-मोटा काम करवाने के बाद वाहन नहीं हटाते हैं। इस दौरान वह हाईवे किनारे ही आराम करने लगते हैं। इस दौरान उनकी गाड़ी दो से तीन घंटे खड़ी रहती हैं। ऐसे में हाईवे पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
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सीन-4
नेशनल हाईवे पर 15 किमी में 16 से अधिक गड्ढे बढ़ा रहे हादसे
नेशनल हाईवे पर 15 किमी के दायरे में 16 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। इसमें कई बड़े गड्ढे बने हुए हैं। छोटे-बड़े वाहन चालक इन गड्ढों से बचने के लिए वाहनों को इधर-उधर काटते हैं। ऐसे में जरा सारा वाहन दूसरी के वाहन की छू जाने पर हादसा हो जाता है। ऐसे में छोटे वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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हाईवे पर इस साल हुए प्रमुख हादसे---
-जुलाई 2026 इकदिल के नेशनल हाईवे पर सराय जलाल गांव के पास अनियंत्रित कारों की भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई थी, 12-14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
-जनवरी 2026 नेशनल हाईवे पर दृश्यता कम होने के कारण कई वाहन आपस में टकरा गए थे। इस हादसे में टक्कर के बाद ट्रक में आग लगने से ट्रक चालक उसमें जिंदा जल गया था।
-सितंबर 2026 सैफई क्षेत्र में हाईवे पर अनियंत्रित पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
- सितंबर 2026 नगला कन्हई के हाईवे पर खड़े खराब ट्रक में पीछे से आ रहा एक अन्य ट्रक टकरा गया, इसमें एक की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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पेट्रोलिंग टीम को नहीं दिखते हाईवे पर खड़े वाहन
कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर जगह-जगह छोटे-बड़े वाहन खड़े रहते हैं। वहीं, एनएचएआई की टीम सुबह से लेकर शाम तक गश्त करती रहती है। इसके बाद भी हाईवे किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे हाईवे किनारे खड़े होने वाले वाहनों की चपेट में हादसे हो जाते हैं। इसमें कई लोगों की जान तक चली जाती है।
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नेशनल हाईवे किनारे खड़े वाहनों की पेट्रोलिंग टीम गश्त करती है। इस दौरान कोई वाहन हाईवे किनारे खड़े मिलता है तो उसकी फोटो खींचकर यातायात पुलिस को भेज देती है। इसके बाद उन वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाती है। साथ ही हाईवे पर हुए गड्ढे पर मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है।
-सत्यवीर सिंह, अनंतराम टोल मैनेजर।
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हादसों में कमी लाए जाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। मानिकपुर मोड़ क्षेत्र में अवैध रूप से होने वाले ट्रक व डंपर चालकों के खिलाफ फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को वाहन चलाते समय सीट बेल्ट, हेलमेट का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाता है। इससे सड़क हादसों में कमी लाए जा सके।

-प्रदीप कुमार, एआरटीओ

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

फोटो 16:: मानिकपुर मोड़ के पास स्कूली वाहन के साथ खड़ा ट्राला। संवाद

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