{"_id":"33-202917","slug":"Etawah-202917-33","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर किनारे बच्ची फेंक गए निर्मोही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर किनारे बच्ची फेंक गए निर्मोही
Etawah
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
इटावा। आज के दौर में लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। लोग लड़कियों की परवरिश पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं समाज के कुछ लोग पुराने ख्यालों को अपने दिलो-दिमाग में आज भी पाले हुए हैं। इसी के चलते किसी निर्मोही ने पैदा होते ही बच्ची मरने के लिए नहर किनारे फेंक दिया। झाड़ियों में पड़ी बच्ची के रोने की आवाज वहां से गुजरने वाले लोगों को सुनाई दी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचे बच्ची को कब्जे में लिया। बाद में एक दंपति ने आगे आकर बच्ची को गोद लेने की पेशकश की। पुलिस ने बच्ची को कागजी कार्रवाई पूरी कर दंपति के सुपुर्द कर दिया।
मंगलवार दोपहर इकदिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिलखर गांव के पास नहर किनारे झाड़ियों में बच्ची पड़ी थी। उधर से गुजरने वाले लोगों ने जब उसके रोने की आवाज सुनी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसओ राधामोहन द्विवेदी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्ची को अपने कब्जे में लिया। एक दिन की बच्ची मिलने की सूचना आसपास के गांवों तक पहुंची तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इनमें पिलखर निवासी नरेशचंद्र व उनकी पत्नी वीरवाला भी थीं। मासूम को इस हाल में देख दोनों का दिल रो उठा। उन्होंने गोद लेने की पेशकश की। उन्होंने बताया कि उनके चार पुत्र हैं, कोई बेटी नहीं है। इसलिए वह इस बच्ची को गोद लेना चाहते हैं। इस पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया। राधामोहन द्विवेदी ने बताया कि बच्ची एक दिन की लग रही थी। आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को दंपति के सुपुर्द कर दिया है, ताकि उसका पालन पोषण हो सके।
--
उस मां को कोसते रहे लोग
बच्ची मिलने के बाद मौके पर जमा भीड़ तरह-तरह की बातचीत करती रही। पब्लिक ने उस निर्मोही मां को जमकर कोसा जिसने नौ महीने कोख में रखने के बाद बच्ची को झाड़ियों में फिंकवा दिया। लोगों का कहना था कि यह तो खैर रही कि बच्ची जिंदा बच गई, नहीं तो झाड़ियों में जानवर उसे नुकसान पहुंचा सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर इकदिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिलखर गांव के पास नहर किनारे झाड़ियों में बच्ची पड़ी थी। उधर से गुजरने वाले लोगों ने जब उसके रोने की आवाज सुनी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसओ राधामोहन द्विवेदी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्ची को अपने कब्जे में लिया। एक दिन की बच्ची मिलने की सूचना आसपास के गांवों तक पहुंची तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इनमें पिलखर निवासी नरेशचंद्र व उनकी पत्नी वीरवाला भी थीं। मासूम को इस हाल में देख दोनों का दिल रो उठा। उन्होंने गोद लेने की पेशकश की। उन्होंने बताया कि उनके चार पुत्र हैं, कोई बेटी नहीं है। इसलिए वह इस बच्ची को गोद लेना चाहते हैं। इस पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया। राधामोहन द्विवेदी ने बताया कि बच्ची एक दिन की लग रही थी। आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को दंपति के सुपुर्द कर दिया है, ताकि उसका पालन पोषण हो सके।
विज्ञापन
--
उस मां को कोसते रहे लोग
बच्ची मिलने के बाद मौके पर जमा भीड़ तरह-तरह की बातचीत करती रही। पब्लिक ने उस निर्मोही मां को जमकर कोसा जिसने नौ महीने कोख में रखने के बाद बच्ची को झाड़ियों में फिंकवा दिया। लोगों का कहना था कि यह तो खैर रही कि बच्ची जिंदा बच गई, नहीं तो झाड़ियों में जानवर उसे नुकसान पहुंचा सकते थे।
विज्ञापन