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जिला अस्पताल: भगवान भरोसे है सुरक्षा व्यवस्था
Etawah
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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इटावा। डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। रविवार को नवजात शिशु की चोरी इसका ताजा उदाहरण है। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के ठोस इंतजाम नहीं किए गए। हाल यह है कि यहां न तो सीसी कैमरे लगे हैं और नहीं पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती है। वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने का समय तो निर्धारित है, लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं होता है। ऐसे में बाहर के लोग अकारण ही टहलते दिख जाते हैं।
जिला अस्पताल का दर्जा वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में हर रोज मरीजों की भारी भीड़ उमड़ती है। मेडिको लीगल से लेकर बीमार बंदियों का इलाज तक होता है। ऐसे में यहां सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो कोई खास इंतजाम नहीं है। परिसर में पुलिस चौकी होना तो दूर की बात है, पुलिस कर्मियों की तैनाती तक नहीं रहती है। सीसी कैमरे न होने से आने-जाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं रहता है। आलम यह है कि दलाल यहां आने वाले रोगियों को बहला फुसला कर नर्सिंग होम ले जाते हैं, इसको लेकर आए दिन हो-हल्ला मचता रहता है। कुछ दिनों पहले इलाज के दौरान युवक की मौत पर परिजनों ने नर्सिंग स्टॉफ के साथ बदसलूकी करते हुए जमकर तोड़फोड़ की थी। हाल में वार्ड में भर्ती प्रसूता का नवजात चोरी होना ताजा उदाहरण है। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन व जिला प्रशासन अभी तक नहीं चेता है। आए दिन होने वाली घटनाओं को लेकर अस्पताल में आने वाले रोगियों व तीमारदारों में नाराजगी झलकती रहती है।
‘अमर उजाला’ टीम ने गुरुवार को महिला अस्पताल के वार्डों का जायजा लिया तो वहां स्टाफ के नाम पर सिर्फ एक सफाई कर्मी मिला। नर्सिंग स्टाफ कहीं पर भी नजर नहीं आया। ड्यूटी रूम में ताला लटक रहा था। ऐसे में वार्डों में कोई भी घूमे रोकने टोकने वाला नहीं था। सफाईकर्मी से नर्सिंग स्टाफ की गैर मौजूदगी और ड्यूटी रूम में लटक रहे ताले के बारे में पूछा तो उसने बचाव करने के अंदाज में बताया कि सिस्टर अभी नीचे किसी काम से गईं हैं। काफी देर तक रूकने के बाद भी ड्यूटी रूम का ताला खोलने के लिए वहां कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी चुस्त दुरुस्त है।
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वर्जन:-
बच्चा चोरी की घटना का संज्ञान लिया गया है, जल्द ही जिला महिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी। रही बात सीसीटीवी कैमरों की तो शासन को इस संबंध में पत्र लिखकर मांग की जाएगी।
डॉ. वीएस अग्निहोत्री, सीएमएस
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जिला अस्पताल का दर्जा वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में हर रोज मरीजों की भारी भीड़ उमड़ती है। मेडिको लीगल से लेकर बीमार बंदियों का इलाज तक होता है। ऐसे में यहां सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो कोई खास इंतजाम नहीं है। परिसर में पुलिस चौकी होना तो दूर की बात है, पुलिस कर्मियों की तैनाती तक नहीं रहती है। सीसी कैमरे न होने से आने-जाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं रहता है। आलम यह है कि दलाल यहां आने वाले रोगियों को बहला फुसला कर नर्सिंग होम ले जाते हैं, इसको लेकर आए दिन हो-हल्ला मचता रहता है। कुछ दिनों पहले इलाज के दौरान युवक की मौत पर परिजनों ने नर्सिंग स्टॉफ के साथ बदसलूकी करते हुए जमकर तोड़फोड़ की थी। हाल में वार्ड में भर्ती प्रसूता का नवजात चोरी होना ताजा उदाहरण है। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन व जिला प्रशासन अभी तक नहीं चेता है। आए दिन होने वाली घटनाओं को लेकर अस्पताल में आने वाले रोगियों व तीमारदारों में नाराजगी झलकती रहती है।
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‘अमर उजाला’ टीम ने गुरुवार को महिला अस्पताल के वार्डों का जायजा लिया तो वहां स्टाफ के नाम पर सिर्फ एक सफाई कर्मी मिला। नर्सिंग स्टाफ कहीं पर भी नजर नहीं आया। ड्यूटी रूम में ताला लटक रहा था। ऐसे में वार्डों में कोई भी घूमे रोकने टोकने वाला नहीं था। सफाईकर्मी से नर्सिंग स्टाफ की गैर मौजूदगी और ड्यूटी रूम में लटक रहे ताले के बारे में पूछा तो उसने बचाव करने के अंदाज में बताया कि सिस्टर अभी नीचे किसी काम से गईं हैं। काफी देर तक रूकने के बाद भी ड्यूटी रूम का ताला खोलने के लिए वहां कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी चुस्त दुरुस्त है।
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बच्चा चोरी की घटना का संज्ञान लिया गया है, जल्द ही जिला महिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी। रही बात सीसीटीवी कैमरों की तो शासन को इस संबंध में पत्र लिखकर मांग की जाएगी।
डॉ. वीएस अग्निहोत्री, सीएमएस