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22 करोड़ से भरेंगे जिले की सड़कों के गड्ढे
Thu, 24 Jan 2019 11:55 PM IST
प्रतीक दुबे
अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Thu, 24 Jan 2019 11:55 PM IST
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सभागार में मौजूद जिला पंचायत सदस्य।
- फोटो : amar ujala
जिला पंचायत बैठक गुरुवार को जिला पंचायत के सभागार में हुई। इसमें आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 27 करोड़ 56 लाख 82 हजार रुपये का बजट पास हुआ। इसमें सबसे अधिक 22 करोड़ 50 लाख 39800 रुपये सड़क आदि अन्य मरम्मत कार्य पर व्यय किए जाएंगे। बैठक में उक्त सभागार का किराया बढ़ाने के प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली। अधिकारियों के गैर जिम्मेदार रवैये और उनकी गैरहाजिरी पर जनप्रतिनिधि जमकर बिफरे। समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी अधिकारियों को चेतावनी दी। कहा कि वह कहीं भी तैनात होंगे। सत्ता आने पर ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अपर मुख्य अधिकारी आशुतोष कुमार ने बैठक का एजेंडा पेश किया। उन्होंने पहले चालू वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट की जानकारी दी। बताया कि 2018-19 में कुल 46 करोड़ 59 लाख 26300 रुपये खर्च हुए हैं। इसमें 41 करोड़ 39 लाख 61300 रुपये सिर्फ सड़कों आदि की मरम्मत पर खर्च हुए हैं। बैठक में पंचायत के कांजी हाउस के पुनर्निमाण की मंजूरी दी गई। वहीं जिला पंचायत के गेस्ट हाउस का किराया आठ हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। सांसद प्रतिनिधि गोपाल मोहन शर्मा ने एतराज जताया। उन्होंने इसे कम किए जाने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने 15 हजार रुपये करने की बात कही। इस दौरान ग्राम व क्षेत्र पंचायत की तमाम योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई।
जिला पंचायत सदस्यों ने पूर्व की बैठकों में उठाई गई समस्याओं का निस्तारण न किए जाने पर नाराजगी जताई। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड से जुड़ी सड़क की समस्या को लेकर जब निर्माण खंड एक के एक्सईएन ने जानकारी देने में असमर्थता जताई तो ताखा क्षेत्र से सुरेश लोकदल, भरथना से अजय यादव, सैफई से अरविंद यादव आदि जनप्रतिनिधि बिफर पड़े। कहा कि यह सीधे तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष का अपमान है। वह इसके खिलाफ डीएम के दफ्तर पर धरना देंगे। डीआरडीए के परियोजना निदेशक उमाकांत त्रिपाठी ने भी इसे पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की गलती मानी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने कहा कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मंगलवार को डीएम से मुलाकात की जाएगी। समस्याओं के साथ अनुपस्थित अधिकारियों की भी लिस्ट पकड़ा दें। कहा कि इस बैठक में जो अधिकारी अनुपस्थित हैं। उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जाए।
सदस्यों की मांग पर अध्यक्ष ने अधिकारियों के खिलाफ जारी होने वाले नोटिस की कॉपी उन्हें व सदस्यों को उपलब्ध कराने को कहा। पीडी श्री त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में कौन अधिकारी गैरहाजिर हैं। इसकी जानकारी करके उन्हें नोटिस भेजेंगे और उसकी कॉपी उपलब्ध करा देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वह ऐसे अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव लाएं। उसे वह संबंधित विभाग व प्रशासन को भेजेंगे। यदि उस पर गौर न हुआ तो सत्ता परिवर्तन होने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि गोपाल मोहन शर्मा ने भी अधिकारियों की उपस्थिति को जरूरी बताया।
भरथना विधायक सावित्री कठेरिया काफी देर से बैठक में पहुंची। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख हरिओम यादव, सदर विधायक प्रतिनिधि मुकेश यादव, महेवा क्षेत्र से सोनू चौधरी, बसरेहर से शांति देवी, रामफल, डीडीओ पीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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अपर मुख्य अधिकारी आशुतोष कुमार ने बैठक का एजेंडा पेश किया। उन्होंने पहले चालू वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट की जानकारी दी। बताया कि 2018-19 में कुल 46 करोड़ 59 लाख 26300 रुपये खर्च हुए हैं। इसमें 41 करोड़ 39 लाख 61300 रुपये सिर्फ सड़कों आदि की मरम्मत पर खर्च हुए हैं। बैठक में पंचायत के कांजी हाउस के पुनर्निमाण की मंजूरी दी गई। वहीं जिला पंचायत के गेस्ट हाउस का किराया आठ हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। सांसद प्रतिनिधि गोपाल मोहन शर्मा ने एतराज जताया। उन्होंने इसे कम किए जाने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने 15 हजार रुपये करने की बात कही। इस दौरान ग्राम व क्षेत्र पंचायत की तमाम योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई।
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जिला पंचायत सदस्यों ने पूर्व की बैठकों में उठाई गई समस्याओं का निस्तारण न किए जाने पर नाराजगी जताई। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड से जुड़ी सड़क की समस्या को लेकर जब निर्माण खंड एक के एक्सईएन ने जानकारी देने में असमर्थता जताई तो ताखा क्षेत्र से सुरेश लोकदल, भरथना से अजय यादव, सैफई से अरविंद यादव आदि जनप्रतिनिधि बिफर पड़े। कहा कि यह सीधे तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष का अपमान है। वह इसके खिलाफ डीएम के दफ्तर पर धरना देंगे। डीआरडीए के परियोजना निदेशक उमाकांत त्रिपाठी ने भी इसे पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की गलती मानी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने कहा कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मंगलवार को डीएम से मुलाकात की जाएगी। समस्याओं के साथ अनुपस्थित अधिकारियों की भी लिस्ट पकड़ा दें। कहा कि इस बैठक में जो अधिकारी अनुपस्थित हैं। उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जाए।
सदस्यों की मांग पर अध्यक्ष ने अधिकारियों के खिलाफ जारी होने वाले नोटिस की कॉपी उन्हें व सदस्यों को उपलब्ध कराने को कहा। पीडी श्री त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में कौन अधिकारी गैरहाजिर हैं। इसकी जानकारी करके उन्हें नोटिस भेजेंगे और उसकी कॉपी उपलब्ध करा देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वह ऐसे अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव लाएं। उसे वह संबंधित विभाग व प्रशासन को भेजेंगे। यदि उस पर गौर न हुआ तो सत्ता परिवर्तन होने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि गोपाल मोहन शर्मा ने भी अधिकारियों की उपस्थिति को जरूरी बताया।
भरथना विधायक सावित्री कठेरिया काफी देर से बैठक में पहुंची। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख हरिओम यादव, सदर विधायक प्रतिनिधि मुकेश यादव, महेवा क्षेत्र से सोनू चौधरी, बसरेहर से शांति देवी, रामफल, डीडीओ पीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।