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बोर्ड परीक्षा में नकल, नहीं होगी बर्दाश्त
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इटावा। डीएम सेल्वाकुमारी जे ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल विहीन, शांतिपूर्ण व निष्पक्ष माहौल में परीक्षा संपन्न कराना सभी केंद्र व्यवस्थापकों/प्रबंधकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह बात बुधवार को विकास भवन के प्रेरणा सभागार में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित बैठक में कही। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका केंद्र व्यवस्थापकों की है। कहा कि परीक्षा केंद्र पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। परीक्षा से संबंधित गाइड लाइन हर एक परीक्षा केंद्रों पर चस्पा कराई जाए। केंद्र व उसके कमरों में प्रकाश की पर्याप्त रहे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ नकल माफियों की वजह से पूरी परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े होते हैं। इसलिए सजग रहें।
उन्होंने बताया कि जिले में स्थापित 74 परीक्षा केंद्रों के लिए सात जोनल, 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के अंदर नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी। केंद्र के बाहर यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। सभी केंद्र व्यवस्थापक सीटिंग प्लान अभी से बना लें। डीएम ने सभी सेक्टर/स्टेटिक मजिस्ट्रेटों से कहा कि वह अपने-अपने विद्यालयों का समय से भ्रमण कर लें। मुख्य विषयों की परीक्षाओं के समय लगातार भ्रमण करें। परीक्षा में व्यवधान डालने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। बैठक में एडीएम जितेंद्र कुमार कुशवाहा, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने यह बात बुधवार को विकास भवन के प्रेरणा सभागार में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित बैठक में कही। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका केंद्र व्यवस्थापकों की है। कहा कि परीक्षा केंद्र पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। परीक्षा से संबंधित गाइड लाइन हर एक परीक्षा केंद्रों पर चस्पा कराई जाए। केंद्र व उसके कमरों में प्रकाश की पर्याप्त रहे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ नकल माफियों की वजह से पूरी परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े होते हैं। इसलिए सजग रहें।
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उन्होंने बताया कि जिले में स्थापित 74 परीक्षा केंद्रों के लिए सात जोनल, 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के अंदर नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी। केंद्र के बाहर यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। सभी केंद्र व्यवस्थापक सीटिंग प्लान अभी से बना लें। डीएम ने सभी सेक्टर/स्टेटिक मजिस्ट्रेटों से कहा कि वह अपने-अपने विद्यालयों का समय से भ्रमण कर लें। मुख्य विषयों की परीक्षाओं के समय लगातार भ्रमण करें। परीक्षा में व्यवधान डालने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। बैठक में एडीएम जितेंद्र कुमार कुशवाहा, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि मौजूद रहे।
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