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226 ग्राम पंचायतों में गोशालाओं के आवंटित धनराशि
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इटावा। 226 ग्राम पंचायतों में गोशालाओं के लिए धनराशि आवंटित कर दी गई है। इनका निर्माण शुरू कराया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री आवासों में डोंगल व एलओबी शौचालयों के निर्माण में तेजी लाए अधिकारी। यह बात शनिवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने समीक्षा में पाया कि प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण के लिए
अभी तीसरी किस्त जारी नहीं की गयी है। डोंगल लगाया जाना शेष है। इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि सेक्रेटरी अपने
संबंधित ग्रामों में उपस्थित रहकर कार्य पूर्ण कराएं। मनरेगा में लेबर बजट शत प्रतिशत व्यय व प्राथमिक
विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल,14वें वित्त से प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक
तैयार किया जाना चाहिए। फलदार, छायादार दोनेां प्रकार के प्रकार के पौधे नर्सरी में तैयार करें। नर्सरी के सभी पौधों की बिक्री पौधरोपण के लिए पहले कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन 226 ग्राम पंचायतों में गोशालाओं के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई है, उनका निर्माण तत्काल पूर्ण कराया जाए, जिन गौशालाओं के पास गौशाला से
अधिक जमीन है वहां मनरेगा से तालाब बनवाए जाए, इसके साथ ही पोषण वाटिका लगवायी जाए।
इस अवसर पर मुख्य
विकास अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए उमाकांत
त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी आरबीसिंह, जिला विकलांगजन अधिकारी प्रशांत कुमार, सहायक जिला पंचायतराज
अधिकारी रोहित कुमार, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने समीक्षा में पाया कि प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण के लिए
अभी तीसरी किस्त जारी नहीं की गयी है। डोंगल लगाया जाना शेष है। इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि सेक्रेटरी अपने
संबंधित ग्रामों में उपस्थित रहकर कार्य पूर्ण कराएं। मनरेगा में लेबर बजट शत प्रतिशत व्यय व प्राथमिक
विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल,14वें वित्त से प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक
तैयार किया जाना चाहिए। फलदार, छायादार दोनेां प्रकार के प्रकार के पौधे नर्सरी में तैयार करें। नर्सरी के सभी पौधों की बिक्री पौधरोपण के लिए पहले कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन 226 ग्राम पंचायतों में गोशालाओं के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई है, उनका निर्माण तत्काल पूर्ण कराया जाए, जिन गौशालाओं के पास गौशाला से
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अधिक जमीन है वहां मनरेगा से तालाब बनवाए जाए, इसके साथ ही पोषण वाटिका लगवायी जाए।
इस अवसर पर मुख्य
विकास अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए उमाकांत
त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी आरबीसिंह, जिला विकलांगजन अधिकारी प्रशांत कुमार, सहायक जिला पंचायतराज
अधिकारी रोहित कुमार, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।