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चीन से लौटी साक्षी पूरी तरह स्वस्थ, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में
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मौहल्ला एमपी नगर में अपने पिता के साथ मौजूद चीन में एमबीबीएस की छात्रा दीक्षा- संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। केरोना वायरस से पड़ोसी मुल्क चीन में हाहाकार मचा है। वहां से आने वालों पर विशेष नजर है। शहर के मोहल्ला एमपी नगर की एक छात्रा चीन के जिलिंग प्रांत से एमबीबीएस कर रही है। पिछले दिनों वह अवकाश पर घर आई, तो विदेश मंत्रालय से लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। स्वास्थ्य टीम छात्रा के घर पहुंची और जांच-पड़ताल की। छात्रा पूरी तरह स्वस्थ है। टीम ने छात्रा को 14 दिन तक घर से बाहर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।
शहर के एमपी नगर निवासी अजय कुमार की बेटी साक्षी पिछले दिनों घर लौटी तो विदेश मंत्रालय ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। विभागी टीम छात्रा के घर पहुंच गई और छात्रा से आवश्यक जानकारी ली। मसलन वह चीन में कितनी देर और कहां-कहां रुकी और अपने घर तक कैसे पहुंची। मंगलवार को विभाग ने पैथोलॉजिस्ट मधुप कौशल और फिजीशियन डॉ. सुरेश चंद्रा को छात्रा के घर भेजा।
वायरस की चपेट में नहीं छात्रा
जिला मलेरिया अधिकारी लोकमान सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने निर्देश पर छात्रा को 14 दिन तक भीड़भाड़ वाले स्थान पर न जाने की सलाह दी गई है। वहीं उसको अपने कमरे में रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि छात्रा पूरी तरह से ठीक है। वह वायरस की चपेट में नहीं है।
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डब्ल्यूएचओ की टीम कर रही निगरानी
छात्रा साक्षी की 14 दिन तक निगरानी करने की जिम्मेदारी डब्ल्यूएचओ की टीम को दी गई है। टीम उस पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोरोना के नोडल अधिकारी लोकमान सिंह ने बताया कि उसके स्वास्थ्य में कोई दिक्कत होगी तो अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। फिलहाल छात्रा स्वस्थ है। वह किसी रोग की चपेट में नहीं है।
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छुट्टियों में देश के सभी 300 छात्र-छात्राएं लौटे
वह खाते सी फूड, हम खाते दाल-रोटी-साक्षी
एटा। चीन के जिलिंग प्रांत स्थित जिलिंग मेडिकल यूनीवर्सिटी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा साक्षी ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस 15 जनवरी के बाद से अचानक चर्चा में आया, जबकि वह उससे पहले ही 11 जनवरी को घर आई थी। बताया कि दो माह के अवकाश के चलते उस सहित करीब 300 छात्र-छात्राएं हिंदुस्तान लौट आई हैं। अब कब से क्लास लगेंगी ये पता नहीं। दो मार्च तक अवकाश है, जिन्हें बढ़ाकर 16 मार्च कर दिया गया है।
साक्षी ने अमर उजाला को बताया कि विवि कैंपस में चीन और विदेश से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं को अलग-अलग रखा जाता है, उनका खानपान, भाषा और रहन-सहन और हमारे खानपान, भाष और रहन-सहन में काफी अंतर है। चीन के लोग सी फूड में स्नैक, चमगादढ़ और कैंकड़ा, मछली व समुद्री जीवों को खाने में अहमियत देते हैं, जबकि भारतीय वहां के रेस्टोरेंट में दाल, चावल, सब्जी, रोटी, सलाद आदि खाते हैं। बताया कि जिलिंग से वह ट्रेन द्वारा झिनझिन प्रांत पहुंची, वहां से वाई एयर बीजिंग और बीजिंग से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। कोरोना का हल्ला बुहान प्रांत में ज्यादा है, बीजिंग और जिलिंग प्रांत में इस वायरस का ज्यादा प्रकोप नहीं है।
होम्योपैथी में कोरोना का कारगर इलाज
कोरोना वायरस का कारगर इलाज होम्योपैथी में संभव है। जिला अस्पताल में तैनात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि इस पैथी में रोग के लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। कोरोना वायरस में व्यक्ति के नाक और आंख से पानी आने लगता है, सिर और गले में दर्द सहित गला बैठ जाता है और जुकाम सहित बुखार आ जाता है। इन्हीं लक्षणों के आधार पर मरीज को आर्सेनिक एन और इन्फ्लूएंजा दवा की 200 पुटेंशियल की मात्रा में दवा के साथ ही मदर टिंचर जस्टिका एडाटोला दी जाए तो कोरोना वायरस की आशंका पूरी तरह से क्षीण हो जाती है।
अस्पताल में खुला आइसोलेशन वार्ड
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड खोला गया है। यहां 10 की जगह 4 बेड का वार्ड बनाया गया है। वहीं वार्ड में व्यवस्थाएं भी पूर्ण नहीं है।
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शहर के एमपी नगर निवासी अजय कुमार की बेटी साक्षी पिछले दिनों घर लौटी तो विदेश मंत्रालय ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। विभागी टीम छात्रा के घर पहुंच गई और छात्रा से आवश्यक जानकारी ली। मसलन वह चीन में कितनी देर और कहां-कहां रुकी और अपने घर तक कैसे पहुंची। मंगलवार को विभाग ने पैथोलॉजिस्ट मधुप कौशल और फिजीशियन डॉ. सुरेश चंद्रा को छात्रा के घर भेजा।
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वायरस की चपेट में नहीं छात्रा
जिला मलेरिया अधिकारी लोकमान सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने निर्देश पर छात्रा को 14 दिन तक भीड़भाड़ वाले स्थान पर न जाने की सलाह दी गई है। वहीं उसको अपने कमरे में रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि छात्रा पूरी तरह से ठीक है। वह वायरस की चपेट में नहीं है।
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डब्ल्यूएचओ की टीम कर रही निगरानी
छात्रा साक्षी की 14 दिन तक निगरानी करने की जिम्मेदारी डब्ल्यूएचओ की टीम को दी गई है। टीम उस पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोरोना के नोडल अधिकारी लोकमान सिंह ने बताया कि उसके स्वास्थ्य में कोई दिक्कत होगी तो अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। फिलहाल छात्रा स्वस्थ है। वह किसी रोग की चपेट में नहीं है।
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छुट्टियों में देश के सभी 300 छात्र-छात्राएं लौटे
वह खाते सी फूड, हम खाते दाल-रोटी-साक्षी
एटा। चीन के जिलिंग प्रांत स्थित जिलिंग मेडिकल यूनीवर्सिटी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा साक्षी ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस 15 जनवरी के बाद से अचानक चर्चा में आया, जबकि वह उससे पहले ही 11 जनवरी को घर आई थी। बताया कि दो माह के अवकाश के चलते उस सहित करीब 300 छात्र-छात्राएं हिंदुस्तान लौट आई हैं। अब कब से क्लास लगेंगी ये पता नहीं। दो मार्च तक अवकाश है, जिन्हें बढ़ाकर 16 मार्च कर दिया गया है।
साक्षी ने अमर उजाला को बताया कि विवि कैंपस में चीन और विदेश से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं को अलग-अलग रखा जाता है, उनका खानपान, भाषा और रहन-सहन और हमारे खानपान, भाष और रहन-सहन में काफी अंतर है। चीन के लोग सी फूड में स्नैक, चमगादढ़ और कैंकड़ा, मछली व समुद्री जीवों को खाने में अहमियत देते हैं, जबकि भारतीय वहां के रेस्टोरेंट में दाल, चावल, सब्जी, रोटी, सलाद आदि खाते हैं। बताया कि जिलिंग से वह ट्रेन द्वारा झिनझिन प्रांत पहुंची, वहां से वाई एयर बीजिंग और बीजिंग से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। कोरोना का हल्ला बुहान प्रांत में ज्यादा है, बीजिंग और जिलिंग प्रांत में इस वायरस का ज्यादा प्रकोप नहीं है।
होम्योपैथी में कोरोना का कारगर इलाज
कोरोना वायरस का कारगर इलाज होम्योपैथी में संभव है। जिला अस्पताल में तैनात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि इस पैथी में रोग के लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। कोरोना वायरस में व्यक्ति के नाक और आंख से पानी आने लगता है, सिर और गले में दर्द सहित गला बैठ जाता है और जुकाम सहित बुखार आ जाता है। इन्हीं लक्षणों के आधार पर मरीज को आर्सेनिक एन और इन्फ्लूएंजा दवा की 200 पुटेंशियल की मात्रा में दवा के साथ ही मदर टिंचर जस्टिका एडाटोला दी जाए तो कोरोना वायरस की आशंका पूरी तरह से क्षीण हो जाती है।
अस्पताल में खुला आइसोलेशन वार्ड
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड खोला गया है। यहां 10 की जगह 4 बेड का वार्ड बनाया गया है। वहीं वार्ड में व्यवस्थाएं भी पूर्ण नहीं है।

मौहल्ला एमपी नगर में चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा की जांच करने पहुंची डव्लूएचओ की टीम- ?- फोटो : ETAH