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अमर उजाला शिक्षा अभियान: शिक्षकों का साथ मिला तो बच्चों के चेहरे खिले, कोरोना को मात देकर दोस्तो से मिले
Sat, 26 Mar 2022 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 11:25 PM IST
सार
कोरोना को मात देकर दोस्तों से मिले बच्चों में गजब का उत्साह नजर आ रहा है। ऑनलाइन क्लास में शिक्षा तो थी, लेकिन पढ़ाई का वो माहोल नहीं बन पा रहा था, जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सके।
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बीपीएस स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे ।
- फोटो : ETAH
विस्तार
कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी, लेकिन जब कोरोना को मात देकर बच्चे अपने दोस्तों से मिले तो चेहरे खिल उठे। शिक्षकों का साथ मिला विद्यार्थियों ने पढ़ाई में उत्साह भी दिखाया है। दो वर्षों से पिछड़ी पढ़ाई की भरपाई करने के प्रयासों में लगे हुए हैं। दो वर्ष की पढ़ाई प्रभावित होने से विद्यार्थी मायूस जरूर थे लेकिन उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई है। अब पूरे जोश के साथ पढ़ाई करने में जुटे हैं।
कोरोना महामारी को सभी ने देखा है, यह सच है कि माहौल चुनौती पूर्ण बने थे। इनको लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थितियां पैदा हुई। लेकिन इनसे निपटने में किसी ने मनोबल को कम नहीं होने दिया। अभिभावकों ने पूरा सहयोग अपने बच्चों का किया और ऑनलाइन पढ़ाई में मद्द करके भरोसा भी दिलाया कि फिर पुराने दिन लौटकर आएंगे। ऐसा हुआ भी और अब बच्चे अपने विद्यालयों में दोस्तों के साथ पढ़ रहे हैं।
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अमीषा मिश्रा, शिक्षिका, बीपीएस पब्लिक स्कूल
कोरोना के चलते दो वर्ष तक बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा था। सितंबर से बच्चे नियमित स्कूल आ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि जो वार्षिक परीक्षा हुई है उसमें बच्चों ने बढ़ चढकर हिस्सा लिया है। अब कोरोना का डर बच्चों के मन से निकल गया है। बच्चों की काउंसलिंग भी की गई ताकि उनको फिर से भरोसा दिलाया जा सके ताकि बच्चों का मन पढ़ाई में बेहतर ढंग से लग सके।
सुनीता उपाध्याय, शिक्षिका, सरस्वती विद्या मंदिर
आरजू सिसौदिया, छात्रा, बीपीएस स्कूल
कोरोना काल में पढ़ाई ऑनलाइन कराई गई थी, लेकिन विद्यालय की ओर से शिक्षकों ने भी मदद की गई। इसकी वजह से परीक्षाएं बेहतर हो सकी हैं। आगे की पढ़ाई भी अच्छी होने की संभावनाएं हैं।
सनाद्रिका, छात्रा, बीपीएस स्कूल
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कोरोना महामारी को सभी ने देखा है, यह सच है कि माहौल चुनौती पूर्ण बने थे। इनको लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थितियां पैदा हुई। लेकिन इनसे निपटने में किसी ने मनोबल को कम नहीं होने दिया। अभिभावकों ने पूरा सहयोग अपने बच्चों का किया और ऑनलाइन पढ़ाई में मद्द करके भरोसा भी दिलाया कि फिर पुराने दिन लौटकर आएंगे। ऐसा हुआ भी और अब बच्चे अपने विद्यालयों में दोस्तों के साथ पढ़ रहे हैं।
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शिक्षक बोले- पढ़ाई पर पड़ा असर
ऑनलाइन पढ़ाई करने में बच्चों ने रूचि दिखाई थी, इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई पर असर तो पड़ा लेकिन बच्चों के अभिभावकों ने संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसकी वजह से बच्चों की परीक्षाएं ठीक हो सकी हैं। अब विद्यालय खुल गए हैं तो बेहतर शिक्षण कार्य पर जोर दिया जा रहा है।
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अमीषा मिश्रा, शिक्षिका, बीपीएस पब्लिक स्कूल
कोरोना के चलते दो वर्ष तक बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा था। सितंबर से बच्चे नियमित स्कूल आ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि जो वार्षिक परीक्षा हुई है उसमें बच्चों ने बढ़ चढकर हिस्सा लिया है। अब कोरोना का डर बच्चों के मन से निकल गया है। बच्चों की काउंसलिंग भी की गई ताकि उनको फिर से भरोसा दिलाया जा सके ताकि बच्चों का मन पढ़ाई में बेहतर ढंग से लग सके।
सुनीता उपाध्याय, शिक्षिका, सरस्वती विद्या मंदिर
विद्यालय खुलने से बच्चे काफी खुश
कोरोना के बाद विद्यालय खुले तो काफी खुशी हुई, विद्यालय में शिक्षकों ने भी काउंसिलिंग की और बेहतर तरीके से पढ़ाया तो शिक्षा की भरपाई हो सकी है।आरजू सिसौदिया, छात्रा, बीपीएस स्कूल
कोरोना काल में पढ़ाई ऑनलाइन कराई गई थी, लेकिन विद्यालय की ओर से शिक्षकों ने भी मदद की गई। इसकी वजह से परीक्षाएं बेहतर हो सकी हैं। आगे की पढ़ाई भी अच्छी होने की संभावनाएं हैं।
सनाद्रिका, छात्रा, बीपीएस स्कूल