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Etah News: सात महीने में किसानों पर दूसरी बार मौसम की मार
Sun, 13 Apr 2025 10:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 13 Apr 2025 10:32 PM IST
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अलीगंज क्षेत्र के गांव कलिंजर में सड़ती हुई तंबाकू की फसल।
- फोटो : अलीगंज क्षेत्र के गांव कलिंजर में सड़ती हुई तंबाकू की फसल।
एटा। पकी खड़ी फसल के समय आई आंधी और बारिश से किसान लुटा महसूस कर रहा है। महीनों की उसकी कमाई आधी तक डूब गई है। कटी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। वह 50 फीसदी तक नुकसान बता रहा है। सात महीने में दूसरी बार पड़ी मौसम की मार से वह कराह रहा है।
पिछले साल सितंबर में मानसून जमकर बरसा तो अतिवृष्टि से 1138 हेक्टेयर रकबे की फसलों में नुकसान हुआ था। जलेसर और सदर तहसील में निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने 8890 किसानों को मुआवजे का 3.74 करोड़ रुपया बांटा। खरीफ की फसलों में सबसे ज्यादा नुकसान धान और बाजरा को हुआ था। खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गईं थीं।
खरीफ के जख्मों पर रबी की फसल मरहम लगाती हुई नजर आ रही थी। मौसम अनुकूल रहने से फसलें लहलहा रही थीं और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसलें कटने का समय आने तक मौसम ने फिर धोखा दे दिया। लगातार तीन दिन रात में हुई बरसात, आंधी और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने गेहूं तथा अलीगंज क्षेत्र में तंबाकू की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
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मुआवजे से मरहम लगना भी मुश्किल
सरकारी मुआवजा जिस दर पर दिया जाता है, उससे किसानों के घावों पर मरहम नहीं लग पाती। 17 हजार प्रति हेक्टेयर की दर पर मुआवजा दिया जाता है। वो भी खेत में 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर। इससे कम नुकसान है तो मुआवजा दिया ही नहीं जाएगा। किसानों का कहना है कि जो मुआवजा दिया जाता है उससे लागत की भरपाई भी नहीं हो पाती।
फसलें सुखाने में जुटे रहे किसान
सकीट। क्षेत्र में आंधी व बारिश से खेतों में कटी पड़ी गेंहू की फसल भीगकर बिखर गई। जिसे किसान इकट्ठी कर सुखाने में जुटे हुए हैं। शनिवार की शाम आंधी के साथ हुई बारिश में कटी हुई फसल दूर-दूर तक उड़ गई। जिसे इकट्ठा करने में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ी। रविवार को पूरे दिन किसान फसलें इकट्ठी करने और सुखाने की खेतों पर मेहनत करते रहे। संवाद
तंबाकू में 50 प्रतिशत तक नुकसान
अलीगंज। आंधी बारिश और ओलावृष्टि से तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान तंबाकू को हुआ है। 50 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई है। हतसारी, राई, , हृदयपुर कुदैसा, कलिंजर, पलरा, जुनेदपुर, इमादपुर, कैल्ठा आदि के किसान परेशान है। तंबाकू की फसल भीगकर सड़ने लगी है। जबकि गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कलिंजर निवासी धर्मसिंह का कहना है कि 10 बीघा तंबाकू में आधी खराब हो जाएगी। कैल्ठा के उमेश ने बताया कि 8 बीघा गेहूं की फसल कटी पड़ी थी। 60 से 65 प्रतिशत गेहूं खराब हो गया है। संवाद
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पिछले साल सितंबर में मानसून जमकर बरसा तो अतिवृष्टि से 1138 हेक्टेयर रकबे की फसलों में नुकसान हुआ था। जलेसर और सदर तहसील में निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने 8890 किसानों को मुआवजे का 3.74 करोड़ रुपया बांटा। खरीफ की फसलों में सबसे ज्यादा नुकसान धान और बाजरा को हुआ था। खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गईं थीं।
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खरीफ के जख्मों पर रबी की फसल मरहम लगाती हुई नजर आ रही थी। मौसम अनुकूल रहने से फसलें लहलहा रही थीं और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसलें कटने का समय आने तक मौसम ने फिर धोखा दे दिया। लगातार तीन दिन रात में हुई बरसात, आंधी और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने गेहूं तथा अलीगंज क्षेत्र में तंबाकू की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
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मुआवजे से मरहम लगना भी मुश्किल
सरकारी मुआवजा जिस दर पर दिया जाता है, उससे किसानों के घावों पर मरहम नहीं लग पाती। 17 हजार प्रति हेक्टेयर की दर पर मुआवजा दिया जाता है। वो भी खेत में 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर। इससे कम नुकसान है तो मुआवजा दिया ही नहीं जाएगा। किसानों का कहना है कि जो मुआवजा दिया जाता है उससे लागत की भरपाई भी नहीं हो पाती।
फसलें सुखाने में जुटे रहे किसान
सकीट। क्षेत्र में आंधी व बारिश से खेतों में कटी पड़ी गेंहू की फसल भीगकर बिखर गई। जिसे किसान इकट्ठी कर सुखाने में जुटे हुए हैं। शनिवार की शाम आंधी के साथ हुई बारिश में कटी हुई फसल दूर-दूर तक उड़ गई। जिसे इकट्ठा करने में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ी। रविवार को पूरे दिन किसान फसलें इकट्ठी करने और सुखाने की खेतों पर मेहनत करते रहे। संवाद
तंबाकू में 50 प्रतिशत तक नुकसान
अलीगंज। आंधी बारिश और ओलावृष्टि से तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान तंबाकू को हुआ है। 50 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई है। हतसारी, राई, , हृदयपुर कुदैसा, कलिंजर, पलरा, जुनेदपुर, इमादपुर, कैल्ठा आदि के किसान परेशान है। तंबाकू की फसल भीगकर सड़ने लगी है। जबकि गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कलिंजर निवासी धर्मसिंह का कहना है कि 10 बीघा तंबाकू में आधी खराब हो जाएगी। कैल्ठा के उमेश ने बताया कि 8 बीघा गेहूं की फसल कटी पड़ी थी। 60 से 65 प्रतिशत गेहूं खराब हो गया है। संवाद