{"_id":"61cb170bde74ee7afd6f10ac","slug":"weather-changed-it-rained-from-afternoon-to-evening-etah-news-agr5193373100","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम ने बदली करवट, दोपहर से शाम तक हुई बूंदाबांदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम ने बदली करवट, दोपहर से शाम तक हुई बूंदाबांदी
विज्ञापन
हल्की बूंदाबांदी के बाद जीटी रोड पर ठंड में गुजरते लोग। संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। मंगलवार को मौसम ने एकदम से करवट बदल ली। सुबह से हुए बादलों के बाद दोपहर से शाम तक बूंदाबांदी होती रही। जिसके चलते ठंड बढ़ गई और लोग दिन भर अलाव जलाकर तापते रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, यह 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंगलवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे। दिनभर लोग धूप निकलने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब दो बजे हल्की बारिश शुरू हो गई जो शाम तक होती रही। बारिश होने से ठंड बढ़ गई। सड़कों पर निकलने वाले लोग बरसाती और गर्म कपड़े में लिपटे नजर आए। वहीं तमाम लोग घरों के बाहर अलाव जलाकर हाथ-पैर सेकते नजर आए। ठंड अधिक होने की वजह से सड़कों पर शाम होते ही सन्नाटा पसर गया।
आलू व सरसों की फसल हो सकती है प्रभावित
वहीं बूंदाबांदी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिलीं। आलू व सरसों की फसल करने वाले किसान बारिश को देख परेशान हैं। आलू की फसल में झुलसा और सरसों की खेती में माऊ का रोग लगने का भय सता रहा है। जिले में करीब 8 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल की बुवाई की गई है, वहीं करीब 20 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल की बुवाई हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे। दिनभर लोग धूप निकलने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब दो बजे हल्की बारिश शुरू हो गई जो शाम तक होती रही। बारिश होने से ठंड बढ़ गई। सड़कों पर निकलने वाले लोग बरसाती और गर्म कपड़े में लिपटे नजर आए। वहीं तमाम लोग घरों के बाहर अलाव जलाकर हाथ-पैर सेकते नजर आए। ठंड अधिक होने की वजह से सड़कों पर शाम होते ही सन्नाटा पसर गया।
विज्ञापन
आलू व सरसों की फसल हो सकती है प्रभावित
वहीं बूंदाबांदी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिलीं। आलू व सरसों की फसल करने वाले किसान बारिश को देख परेशान हैं। आलू की फसल में झुलसा और सरसों की खेती में माऊ का रोग लगने का भय सता रहा है। जिले में करीब 8 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल की बुवाई की गई है, वहीं करीब 20 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल की बुवाई हुई है।
विज्ञापन