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दिव्यांगों की क्षमता कम आंकना गलत: डीआईओएस
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:25 PM IST
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दिव्यांगों की क्षमता कम आंकना गलत: डीआईओएस
- फोटो : अमर उजाला
जिले के दिव्यांग छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। स्कूल छोड़ चुके इन छात्रों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के साथ ही नए दिव्यांगों को चिन्हित भी किया जाएगा। गुरुवार को जीआईसी स्थित बहुउद्देशीय हाल में आयोजित कार्यशाला में विशेष शिक्षकों ने इनके लक्षणों को लेकर एक प्रपत्र भी जारी किया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक एसपी यादव ने किया। उन्होंने कहा दिव्यांग छात्र समाज का अभिन्न अंग हैं। किसी अंग से प्रभावित इन बच्चों की क्षमताओं को कम नहीं आंका जाना चाहिए। इन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना हम शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
जिला समन्वयक रनवीर सिंह ने शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक संजय मिश्र ने दिव्यंाग समस्याओं को लेकर विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में एटा-कासगंज के 24 राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के अलावा दोनों जिले के आठ स्पेशल एजूकेटर और आधा दर्जन दिव्यांग के अभिभावक भी मौजूद थे।
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कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक एसपी यादव ने किया। उन्होंने कहा दिव्यांग छात्र समाज का अभिन्न अंग हैं। किसी अंग से प्रभावित इन बच्चों की क्षमताओं को कम नहीं आंका जाना चाहिए। इन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना हम शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
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जिला समन्वयक रनवीर सिंह ने शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक संजय मिश्र ने दिव्यंाग समस्याओं को लेकर विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में एटा-कासगंज के 24 राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के अलावा दोनों जिले के आठ स्पेशल एजूकेटर और आधा दर्जन दिव्यांग के अभिभावक भी मौजूद थे।
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