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Etah News: सीने में दर्द कर रहा परेशान, इलाज के नाम पर सिर्फ ईसीजी जांच
Fri, 20 Dec 2024 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 20 Dec 2024 11:16 PM IST
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एटा। सर्दी में सीने में दर्द की शिकायत सहित हृदयाघात वाले मरीज मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लगातार पहुंच रहे हैं। हृदयाघात वालों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा, अलीगढ़ रेफर किया जा रहा है। कारण कि यहां हृदय रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। इलाज के नाम पर मरीज की सिर्फ ईसीजी जांच कर दी जाती है। हर रोज 10 से 15 मरीज सीने में दर्द की शिकायत के पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज बने 3 वर्ष से अधिक का समय हो गया है। पहले की अपेक्षा व्यवस्थाएं भी दुरुस्त हुईं हैं, लेकिन कुछ खामियां अभी भी बाकी रह गईं हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे से युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सीने में दर्द की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि ओपीडी में यह संख्या 30 से 40 तक रहती है।
इन सभी मरीजों की ईसीजी कर दी जाती है। कोई गंभीर समस्या हुई तो तत्काल मरीजों को आगरा व अलीगढ़ रेफर किया जा रहा है। शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचे 28 मरीजों की ईसीजी कराई गई। जबकि एक सप्ताह में दिल का दौरा पड़ने से 3 व्यक्तियाें की मौत हो चुकी है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि कॉलेज में जो संसाधन हैं, उससे मरीज का पूरा उपचार किया जाता है।
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सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा
सीएमएस ने बताया कि सर्दियों की सुबह दिल के दौरे का खतरा अधिक रहता है। सर्दियों में शरीर की रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे खून के सुचारू प्रवाह में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में हृदय को पंप करने में समस्या होती है। इससे ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। बढ़ा ब्लडप्रेशर हृदय की मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल देता है। इससे सीने में दर्द बढ़ जाता है। सीने में इस दर्द को एनजाइना कहते हैं। यह हृदयाघात जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।
बचाव के उपाय और बरतें सावधानी
- ऊनी कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें, कैप का प्रयोग करें।
- मौसम को देखते हुए मॉर्निंग वॉक पर न निकलें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन न करें।
- लेफ्ट साइड में होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्का व्यायाम करें।
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मेडिकल कॉलेज बने 3 वर्ष से अधिक का समय हो गया है। पहले की अपेक्षा व्यवस्थाएं भी दुरुस्त हुईं हैं, लेकिन कुछ खामियां अभी भी बाकी रह गईं हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे से युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सीने में दर्द की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि ओपीडी में यह संख्या 30 से 40 तक रहती है।
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इन सभी मरीजों की ईसीजी कर दी जाती है। कोई गंभीर समस्या हुई तो तत्काल मरीजों को आगरा व अलीगढ़ रेफर किया जा रहा है। शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचे 28 मरीजों की ईसीजी कराई गई। जबकि एक सप्ताह में दिल का दौरा पड़ने से 3 व्यक्तियाें की मौत हो चुकी है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि कॉलेज में जो संसाधन हैं, उससे मरीज का पूरा उपचार किया जाता है।
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सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा
सीएमएस ने बताया कि सर्दियों की सुबह दिल के दौरे का खतरा अधिक रहता है। सर्दियों में शरीर की रक्त की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे खून के सुचारू प्रवाह में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में हृदय को पंप करने में समस्या होती है। इससे ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। बढ़ा ब्लडप्रेशर हृदय की मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल देता है। इससे सीने में दर्द बढ़ जाता है। सीने में इस दर्द को एनजाइना कहते हैं। यह हृदयाघात जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।
बचाव के उपाय और बरतें सावधानी
- ऊनी कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें, कैप का प्रयोग करें।
- मौसम को देखते हुए मॉर्निंग वॉक पर न निकलें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन न करें।
- लेफ्ट साइड में होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्का व्यायाम करें।