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Etah News: मेडिकल कॉलेज-सीएचसी पर नहीं थायराइड जांच की सुविधा

Fri, 24 May 2024 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Fri, 24 May 2024 10:50 PM IST
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Thyroid test facility not available at Medical College-CHC
एटा। मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी पर थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, अधिकांश महिलाएं जांच ही नहीं करा पा रही हैं, जबकि चिकित्सकों का कहना है कि गर्भवती होने वालीं महिलाओं का तीन माह के भीतर थायराइड जांच होना बेहद जरूरी है।
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मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी में थाइराइड जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में महिलाओं को जांच के लिए परेशान होना पड़ता है। बाहर जांच कराने के बदले में उन्हें रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे में अधिकांश महिलाएं जांच से वंचित रह जाती हैं। बाहर जांच कराने में 500 से 700 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सक डॉ. साधना सिंह ने बताया थायराइड की जांच गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी होती है। बताया अन्य महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रहीं हैं। कहाकि थायराइड दो प्रकार का होता है। इसमें हाइपोथायराइट होने पर अचानक वजन बढ़ने लगता है। इस कारण व्यक्ति काम में रुचि नहीं लेता है, जबकि महिलाओं की माहवारी में अनियमितता हो जाती है। जोड़ों में पानी भर जाता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 वर्ष की महिलाओं में अधिक होता है।
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दूसरा हायपर थायराइड है, जिसमें बीमारी वजन अचानक कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और पीड़ित महिला के प्रजनन शक्ति पर असर पड़ता है। यह बीमारी 20 साल की महिलाओं को अधिक होती है। थायराइड के कारण गर्भपात का भी जोखिम रहता है। सीएमएच डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कॉलेज में थायराइड की जांच की मशीन लगाने के लिए जल्द की पहल की जाएगी।
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इसलिए जरूरी है थायराइड जांच
गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में थायराइड की समस्या अधिक होती है। इसलिए उन्हें ज्यादा ध्यान रखना होता है। महिलाओं को पुरुष की तुलना में थायराइड अधिक होती है। औसतन हर दस थायराइड मरीजों में सात महिलाएं होती हैं। गर्भावस्था में दिक्कत और बढ़ जाती है। ऐसे में थायराइड की जांच जरूरी है, वह भी गर्भधारण करने के तीन माह के भीतर जांच होने पर समय से इलाज होता है तो दिक्कत नहीं होती। इसलिए गर्भधारण करने वाली हर महिला को तीन माह के भीतर जांच करा लेनी चाहिए।
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