फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   The stigma of molestation erased after eight years, the court acquitted

Etah News: आठ साल बाद मिटा छेड़खानी का कलंक, अदालत ने किया बरी

Sat, 01 Jun 2024 11:45 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sat, 01 Jun 2024 11:45 PM IST
विज्ञापन
The stigma of molestation erased after eight years, the court acquitted
एटा। माथे पर लगाया गया छेड़खानी और दुष्कर्म का कलंक आठ साल बाद अदालत का फैसला आने पर मिटा है। अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। वहीं वादी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। जैथरा कस्बा निवासी एक पीड़िता ने 23 जून 2016 को जैथरा कस्बा के मोहल्ला नेहरू नगर निवासी स्वतंत्र पत्रकार सुनील कुमार सहित तीन लोगों के विरुद्ध छेड़खानी का अभियोग पंजीकृत कराया था। जैथरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र दुबे ने 22 जून 2016 की कथित छेड़खानी की घटना में सुनील कुमार को 23 जून को गिरफ्तार कर 24 जून को हथकड़ी में ले जाकर जेल भेज दिया था। 16 जुलाई को जमानत पर छूटने के बाद पीड़ित पत्रकार ने तत्कालीन एसएसपी से अग्रिम विवेचना कराने का अनुरोध किया।
विज्ञापन

एसएसपी के आदेश पर विवेचक ने कोर्ट की अनुमति के बाद अग्रिम विवेचना की, जिसमें सुनील कुमार की नामजदगी गलत पाई गई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में मुकदमें की सुनवाई शुरू हुई। पीड़िता ने कंप्यूटर स्क्रीन पर अभियुक्त को पहचानने से इन्कार कर दिया। पीड़िता की मां ने भी कथित घटना का समर्थन नहीं किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने सुनील सहित दूसरे आरोपी वीरेंद्र कुमार को बरी कर दिया। वहीं, कोर्ट ने वादिया मुकदमा द्वारा न्यायालय में झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने पर उसके विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट का फैसला सुनते ही सुनील भावुक हो गए। कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था।
विज्ञापन

---
मिल चुका है दो लाख का मुआवजा
पीड़ित पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी थी। जहां छह साल चली लंबी जांच के बाद तत्कालीन एसएसपी अजय शंकर राय, तत्कालीन जैथरा थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र दुबे, विवेचक मदन मुरारी द्विवेदी को दोषी पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश दिए गए। साथ ही, प्रदेश के मुख्य सचिव को पीड़ित पत्रकार को दो लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया था। तत्कालीन एसएसपी उदय शंकर सिंह ने 22 मार्च 2022 को पीड़ित के खाते में दो लाख रुपये की राशि का ट्रेजरी से भुगतान करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
एसएसपी सहित फंस चुके हैं छह पुलिसकर्मी
पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में अब तक छह पुलिसकर्मी फंस चुके हैं। तत्कालीन एसएसपी, एसओ व विवेचक पर आयोग कार्रवाई के आदेश दे चुका है। वहीं एसएसपी स्तर से एक हैड मोहर्रिर सहित तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed