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Etah News: गुलाब के खेतों से अगरबत्ती का तय किया सफर
Sun, 28 Jul 2024 02:30 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 28 Jul 2024 02:30 AM IST
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एटा। निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव में गुलाब की खेती है। बड़ी संख्या में लोग खेतों में मजदूरी करते हैं। जो सीमित आय तक सिमटे रहते हैं। यहां कुछ महिलाओं ने इससे आगे बढ़ने के बारे में सोचा। सामाजिक स्तर को मजबूत करने और आर्थिक तंगी से उबरने करने के लिए हुनरमंद बनने का सफर बेहद संघर्ष पूर्ण रहा। हुनर के बल पर अगरबत्ती और धूपबत्ती का कारोबार खड़ा कर अब वह घरों और मंदिरों को महका रही हैं।
ब्लॉक निधौली कलां क्षेत्र के गांव नगला भरे निवासी किरन देवी बताती हैं कि पति धर्मवीर सिंह खेतों में मजदूरी करके परिवार को चला रहे थे। आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आ रहा था। तब कुछ करने की मन में ठानी और एक संबंधी से सलाह ली। वह काफी समय से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का काम करते आ रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह का गठन किया और गांव की 10 महिलाओं को जोड़कर विभिन्न जिम्मेदारियां दीं। वह खुद अध्यक्ष हैं और अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का काम करा रही हैं। शुरू में 10 हजार रुपये से काम प्रारंभ किया था। वर्तमान में एक लाख रुपये से अधिक का काम कर रहे हैं।
पति लेकर आए प्रशिक्षण, तब सीखा काम
किरन देवी बताती हैं कि अलीगढ़ में करीब एक से डेढ़ माह का प्रशिक्षण पति लेकर आए थे। इसके बाद उसने सीखा और अन्य महिलाओं को भी सिखाया। कच्चा माल भी अलीगढ़ से ही लेकर आते हैं, तैयार होने के बाद आसपास के बाजारों में बिक्री कर दिया जाता है। अलीगढ़ से भी आर्डर मिलते हैं।
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ब्लॉक से मिलता है विशेष सहयोग
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन मैनेजर परवेज खान ने बताया कि समूह का गठन कराने में पहल की गई थी। तब महिलाओं को समझाया गया और स्वरोजगार के बारे में बताया। इसके बाद महिलाएं तैयार हुईं तो समूह का गठन कराया और वर्तमान में मिशन की ओर से सहयोग किया जा रहा है। इसके चलते समूह की महिलाएं अच्छा कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
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ब्लॉक निधौली कलां क्षेत्र के गांव नगला भरे निवासी किरन देवी बताती हैं कि पति धर्मवीर सिंह खेतों में मजदूरी करके परिवार को चला रहे थे। आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं आ रहा था। तब कुछ करने की मन में ठानी और एक संबंधी से सलाह ली। वह काफी समय से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का काम करते आ रहे हैं। इसके बाद वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह का गठन किया और गांव की 10 महिलाओं को जोड़कर विभिन्न जिम्मेदारियां दीं। वह खुद अध्यक्ष हैं और अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का काम करा रही हैं। शुरू में 10 हजार रुपये से काम प्रारंभ किया था। वर्तमान में एक लाख रुपये से अधिक का काम कर रहे हैं।
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पति लेकर आए प्रशिक्षण, तब सीखा काम
किरन देवी बताती हैं कि अलीगढ़ में करीब एक से डेढ़ माह का प्रशिक्षण पति लेकर आए थे। इसके बाद उसने सीखा और अन्य महिलाओं को भी सिखाया। कच्चा माल भी अलीगढ़ से ही लेकर आते हैं, तैयार होने के बाद आसपास के बाजारों में बिक्री कर दिया जाता है। अलीगढ़ से भी आर्डर मिलते हैं।
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ब्लॉक से मिलता है विशेष सहयोग
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन मैनेजर परवेज खान ने बताया कि समूह का गठन कराने में पहल की गई थी। तब महिलाओं को समझाया गया और स्वरोजगार के बारे में बताया। इसके बाद महिलाएं तैयार हुईं तो समूह का गठन कराया और वर्तमान में मिशन की ओर से सहयोग किया जा रहा है। इसके चलते समूह की महिलाएं अच्छा कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।