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पंच कल्याणक महोत्सव में भाव विभोर हुए श्रद्धालु
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 28 Feb 2016 10:36 PM IST
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भगवान महावीर ने जब राजपाट छोड़कर वैराग्य को अंगीकार किया, तो इस वैराग्यमयी दृश्य को देखकर पंचकल्याणक महोत्सव में दर्शक भाव विभोर हो उठे। मन में राजा महावीर के जैनेश्वरी दीक्षा धारण करने की खुशी थी। शहर के कासगंज रोड स्थित वीर विमल क्षेत्र में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव में रविवार को तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस दौरान सुबह बालक महावीर की बाल क्रीड़ा का मंचन किया गया, दोपहर में दीक्षा का कार्यक्रम हुआ। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने राजा महावीर को दीक्षा प्रदान की।
सुबह नित्य नियम अभिषेक पूजन के बाद बालक महावीर की क्रीड़ा का मंचन किया गया। इस दौरान स्वर्ग से आए देवों के साथ बालक महावीर ने विभिन्न खेल खेले। साथ ही उन्होंने संगम नामक देव के सर्प बनकर आने पर बालक महावीर ने निडर होकर उसका सामना किया और उसे सन्मार्ग दिखाया। क्रीड़ा का मंचन देख श्रावक-श्राविकाएं रोमांचित हो गए। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि बालक महावीर के जन्म के बाद क्रीड़ा करने के लिए भी स्वर्ग से देव आते हैं। मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि राजा महावीर ने राजसी वैभव छोड़कर जैनेश्वरी दीक्षा धारण की है। आज के समय में इंसान संसार के प्रपंच में फंसा रहता है, लेकिन महावीर भगवान के जगत के कल्याण के लिए सारे वैभव को ठुकरा दिया। सभी को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करके जैन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। दोपहर में बालक महावीर के राज्याभिषेक और वैराग्य की क्त्रिस्याएं संपन्न हुईं। इसके बाद आचार्य सुंदर सागर महाराज और मुनि प्रमुख सागर महराज ने राजा महावीर के दीक्षा संस्कार की क्रिया संपन्न कराई। प्रतिष्ठाचार्य अजित जैन शास्त्री, सतीश जैन और विपिन जैन स्वामी ने पंचमुष्ठि केशलोंचन के साथ भगवान की दीक्षा विधि कराई। विक्की एंड पार्टी भोपाल और सौरभ मार्टिन की सुंदर प्रस्ततुतियों ने सभी का मन मोहा। रात को मनोज शर्मा एंड पार्टी ने सामाजिक नाटिका का मंचन किया।
इस मौके पर उमेश जैन, सर्वेश जैन, सुन्नेश जैन, विजय चंद्र जैन, राजेंद्र जैन, विवेक जैन, रिंकू जैन, सुनील बांदा, प्रमोद जैन, सुधीर जैन, प्रशांत जैन, सुरेंद्र रीडर, पुष्पेंद्र जैन, प्रदीप जैन, राजकुमार जैन, महावीर प्रसाद जैन, सुरेश जैन, रवींद्र जैन, पंकज जैन, नवीन जैन, अनुराग जैन, बबिता जैन आदि लोग मौजूद थे।
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सुबह नित्य नियम अभिषेक पूजन के बाद बालक महावीर की क्रीड़ा का मंचन किया गया। इस दौरान स्वर्ग से आए देवों के साथ बालक महावीर ने विभिन्न खेल खेले। साथ ही उन्होंने संगम नामक देव के सर्प बनकर आने पर बालक महावीर ने निडर होकर उसका सामना किया और उसे सन्मार्ग दिखाया। क्रीड़ा का मंचन देख श्रावक-श्राविकाएं रोमांचित हो गए। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि बालक महावीर के जन्म के बाद क्रीड़ा करने के लिए भी स्वर्ग से देव आते हैं। मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि राजा महावीर ने राजसी वैभव छोड़कर जैनेश्वरी दीक्षा धारण की है। आज के समय में इंसान संसार के प्रपंच में फंसा रहता है, लेकिन महावीर भगवान के जगत के कल्याण के लिए सारे वैभव को ठुकरा दिया। सभी को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करके जैन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। दोपहर में बालक महावीर के राज्याभिषेक और वैराग्य की क्त्रिस्याएं संपन्न हुईं। इसके बाद आचार्य सुंदर सागर महाराज और मुनि प्रमुख सागर महराज ने राजा महावीर के दीक्षा संस्कार की क्रिया संपन्न कराई। प्रतिष्ठाचार्य अजित जैन शास्त्री, सतीश जैन और विपिन जैन स्वामी ने पंचमुष्ठि केशलोंचन के साथ भगवान की दीक्षा विधि कराई। विक्की एंड पार्टी भोपाल और सौरभ मार्टिन की सुंदर प्रस्ततुतियों ने सभी का मन मोहा। रात को मनोज शर्मा एंड पार्टी ने सामाजिक नाटिका का मंचन किया।
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इस मौके पर उमेश जैन, सर्वेश जैन, सुन्नेश जैन, विजय चंद्र जैन, राजेंद्र जैन, विवेक जैन, रिंकू जैन, सुनील बांदा, प्रमोद जैन, सुधीर जैन, प्रशांत जैन, सुरेंद्र रीडर, पुष्पेंद्र जैन, प्रदीप जैन, राजकुमार जैन, महावीर प्रसाद जैन, सुरेश जैन, रवींद्र जैन, पंकज जैन, नवीन जैन, अनुराग जैन, बबिता जैन आदि लोग मौजूद थे।
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