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Etah News: अपहरण के मामले में पुलिस की एफआर अदालत ने की मंजूर
Mon, 14 Apr 2025 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:15 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
एटा। दलित समुदाय की एक युवती के अपहरण की रिपोर्ट थाना सकीट में दर्ज कराई गई थी। इसमें पुलिस ने एफआर (अंतिम आख्या) लगा दी। शिकायत कर्ता ने भी विरोध नहीं किया और अदालत ने एफआर को मंजूर कर लिया है।
थाना सकीट क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 31 दिसंबर 2024 को थाने में मामला दर्ज कराया था। इसके मुताबिक उसकी पुत्री को 30 दिसंबर को विशाल प्रताप निवासी श्रीराम गढ़ी तवरा थाना नारखी जिला फिरोजाबाद अपने साथ ले गया। इससे पहले भी वह पुत्री को फोन करके परेशान करता था। उसे व उसके परिवार वालों को कई बार समझाया भी, लेकिन वह नहीं माना। उसने यह भी जिक्र किया कि पुत्री घर से 20 हजार रुपये और मां के सोने के जेवर आदि सामान भी ले गई है।
पुलिस ने एससी-एसटी अधिनियम और अपहरण का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। कुछ दिन बाद युवती को बरामद कर लिया गया। साथ ही पुलिस ने पड़ताल में मामले को गलत पाते हुए अंतिम आख्या लगाकर न्यायालय भेज दी। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट मनीषा ने मामले की सुनवाई की। इसमें वादी को भी सुनवाई का मौका दिया। उसने भी मुकदमा न चलाने की बात कही। इस पर अदालत ने पुलिस की अंतिम आख्या स्वीकार कर ली। पत्रावली को अभिलेखागार में दाखिल कराया गया है।
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थाना सकीट क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 31 दिसंबर 2024 को थाने में मामला दर्ज कराया था। इसके मुताबिक उसकी पुत्री को 30 दिसंबर को विशाल प्रताप निवासी श्रीराम गढ़ी तवरा थाना नारखी जिला फिरोजाबाद अपने साथ ले गया। इससे पहले भी वह पुत्री को फोन करके परेशान करता था। उसे व उसके परिवार वालों को कई बार समझाया भी, लेकिन वह नहीं माना। उसने यह भी जिक्र किया कि पुत्री घर से 20 हजार रुपये और मां के सोने के जेवर आदि सामान भी ले गई है।
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पुलिस ने एससी-एसटी अधिनियम और अपहरण का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। कुछ दिन बाद युवती को बरामद कर लिया गया। साथ ही पुलिस ने पड़ताल में मामले को गलत पाते हुए अंतिम आख्या लगाकर न्यायालय भेज दी। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट मनीषा ने मामले की सुनवाई की। इसमें वादी को भी सुनवाई का मौका दिया। उसने भी मुकदमा न चलाने की बात कही। इस पर अदालत ने पुलिस की अंतिम आख्या स्वीकार कर ली। पत्रावली को अभिलेखागार में दाखिल कराया गया है।
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