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बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग: एटा में 2200 कोरोना जांचों का है लक्ष्य, हो रहीं 800, बस स्टैंड पर कोई इंतजाम नहीं
Mon, 02 Jan 2023 12:26 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Jan 2023 12:26 AM IST
सार
फिरोजाबाद में रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन में कोरोना की जांच नहीं हो रही है। जबकि बस के माध्यम से जिले में दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान प्रदेशों सहित उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आते हैं।
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कोविड टेस्ट लैब (सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विदेशों में कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है। बढ़ते खतरे के बीच जिले में लापरवाही बरती जा रही है। प्रतिदिन 2200 कोरोना की जांच के लक्ष्य के बीच बमुश्किल 800 लोगों की ही जांच की जा रही है। रोडवेज बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले व्यक्तियों की जांच की व्यवस्था ही नहीं की गई है।
कोरोना का जिले में अभी एक भी सक्रिय केस नहीं हैं। लेकिन बरती जा रही लापरवाही जिले के लोगों सहित स्वास्थ्य विभाग को भारी पड़ सकती है। पड़ोस के जनपद आगरा में कोरोना का केस आ चुका है। इसके बाद भी जिले में इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निर्देश हैं कि रोडवेज बस स्टैंड सहित रेलवे स्टेशनों पर कोरोना की जांच कराई जाए। ताकि बाहर से आने वाले लोगों में संक्रमण की स्थिति पता लग सके।
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सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना की जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। ओपीडी में बुखार, खांसी, जुकाम आदि के मरीजों की जांच के निर्देश हैं। बस स्टैंड पर जांच शुरू कराई जाएगी। सैंपल ठीक से नहीं लिया जा रहा है। टीम की जांच करा सही से सैंपल लेने के निर्देश दिए जाएंगे।
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कोरोना का जिले में अभी एक भी सक्रिय केस नहीं हैं। लेकिन बरती जा रही लापरवाही जिले के लोगों सहित स्वास्थ्य विभाग को भारी पड़ सकती है। पड़ोस के जनपद आगरा में कोरोना का केस आ चुका है। इसके बाद भी जिले में इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निर्देश हैं कि रोडवेज बस स्टैंड सहित रेलवे स्टेशनों पर कोरोना की जांच कराई जाए। ताकि बाहर से आने वाले लोगों में संक्रमण की स्थिति पता लग सके।
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हर दिन अन्य प्रदेशों से आते हैं लोग
जिले में दोनों ही स्थानों पर कोरोना की जांच नहीं हो रही है। जबकि बस के माध्यम से जिले में दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान प्रदेशों सहित उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आते हैं। शासन से हर रोज 1200 आरटीपीसीआर व एक हजार एंटीजन किट से जांच कराने का लक्ष्य जिले को मिला है। कुल 700 से 800 व्यक्तियों की ही प्रतिदिन जांच हो रही है।
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जांच के नाम पर हो रही खानापूर्ति
कोरोना की जांच हो भी रही है तो इसके नाम नाम पर खानापूर्ति ही की जा रही है। यहां सैंपलिंग कर रही टीम द्वारा सैंपलिंग स्टिक को जीभ पर सिर्फ छुलाया जा रहा है। गले तक डालकर नमूना नहीं लिया जा रहा। यही स्थिति नाक से सैंपल लेने की है। वहीं सैंपल ले रही टीमों द्वारा स्टिक को भी इधर- उधर डाल दिया जाता है।सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना की जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। ओपीडी में बुखार, खांसी, जुकाम आदि के मरीजों की जांच के निर्देश हैं। बस स्टैंड पर जांच शुरू कराई जाएगी। सैंपल ठीक से नहीं लिया जा रहा है। टीम की जांच करा सही से सैंपल लेने के निर्देश दिए जाएंगे।