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फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में आत्महत्या निकला हत्या का मामला
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पुलिस लाइन में जानकारी देते एसएसपी उदय शंकर सिंह, साथ में सीओ सदर इरफान नासिर खान। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दतेई में दो फरवरी को पेड़ पर लटके मिले छोटे की हत्या नहीं हुई थी। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में हत्या का मामला आत्महत्या का निकला है। एसएसपी उदय शंकर सिंह ने पुलिस लाइन में वार्ता के दौरान बताया कि प्रधान चुनाव की रंजिश को लेकर आत्महत्या को हत्या का रूप दिया गया। दो फरवरी 2021 को अभय कुमार उर्फ छोटे पुत्र शिशुपाल सिंह का शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर करीब 20 फुट ऊंची डाली पर लटका मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाकर हत्या दर्शा दी गई और हत्या का मामला दर्ज हो गया। 26 अप्रैल को जनसुनवाई के दौरान एक प्रार्थनापत्र आरोपी पक्ष की ओर से दिया गया। इस पर सीओ सदर इरफान नासिर खान के नेतृत्व में जांच कराई, तो मामला खुलता गया। इसके बाद फोरेंसिक साइंस लैब आगरा और लखनऊ की टीम को बुलाकर सीन रीक्रिएट किया गया। दोनों लैब के एक्सपर्ट की राय सामने आने पर आत्महत्या की बात सामने आई है।
एसएसपी का कहना है कि मृतक अभय कुमार उर्फ छोटे आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने दो बसों पर करीब पांच लाख रुपये कर्ज लिया था और जुआ व ऑनलाइन सट्टा खेलने का आदी था। इसकी वजह से करीब 10 लाख रुपये का कर्जदार हो गया। मछली पालन का कारोबार किया, उसमें भी घाटा हुआ। मृतक प्रधान चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। विरोधी पक्ष भी चुनाव लड़ रहा था। ऐसे तमाम बिंदु सामने आए, इनसे साबित हुआ कि जानबूझकर और प्रधानी चुनाव को लेकर झूठा मामला लिखाया गया।
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इन पर लगा था हत्या का आरोप
प्रभारी निरीक्षक सीताराम सरोज ने बताया कि गांव दतेई में अभय कुमार उर्फ छोटे की हत्या की रिपोर्ट उसके भाई पंकज कुमार ने पांच लोगों पर दर्ज कराई थी। पूर्व प्रधान विनेश कुमार, इसके पुत्र रानू, राहुल, आशू और भाई उमेश कुमार के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने विनेश और इसके पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों को करीब तीन माह बाद अदालत से जमानत मिल गई। अब मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाकर हत्या दर्शा दी गई और हत्या का मामला दर्ज हो गया। 26 अप्रैल को जनसुनवाई के दौरान एक प्रार्थनापत्र आरोपी पक्ष की ओर से दिया गया। इस पर सीओ सदर इरफान नासिर खान के नेतृत्व में जांच कराई, तो मामला खुलता गया। इसके बाद फोरेंसिक साइंस लैब आगरा और लखनऊ की टीम को बुलाकर सीन रीक्रिएट किया गया। दोनों लैब के एक्सपर्ट की राय सामने आने पर आत्महत्या की बात सामने आई है।
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एसएसपी का कहना है कि मृतक अभय कुमार उर्फ छोटे आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने दो बसों पर करीब पांच लाख रुपये कर्ज लिया था और जुआ व ऑनलाइन सट्टा खेलने का आदी था। इसकी वजह से करीब 10 लाख रुपये का कर्जदार हो गया। मछली पालन का कारोबार किया, उसमें भी घाटा हुआ। मृतक प्रधान चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। विरोधी पक्ष भी चुनाव लड़ रहा था। ऐसे तमाम बिंदु सामने आए, इनसे साबित हुआ कि जानबूझकर और प्रधानी चुनाव को लेकर झूठा मामला लिखाया गया।
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इन पर लगा था हत्या का आरोप
प्रभारी निरीक्षक सीताराम सरोज ने बताया कि गांव दतेई में अभय कुमार उर्फ छोटे की हत्या की रिपोर्ट उसके भाई पंकज कुमार ने पांच लोगों पर दर्ज कराई थी। पूर्व प्रधान विनेश कुमार, इसके पुत्र रानू, राहुल, आशू और भाई उमेश कुमार के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने विनेश और इसके पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों को करीब तीन माह बाद अदालत से जमानत मिल गई। अब मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।