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UP News: इकलौते भाई को लील गया हादसा, छह बहनों को बिलखता देख... दरोगा का पिघला दिल; राखी बंधवाकर दिए उपहार
Mon, 19 Aug 2024 11:25 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:25 PM IST
सार
हादसे में इकलौते भाई की मौत हो जाने से छह बहनें पहले राखी पर्व पर बिलख रही थीं। घटना की विवेचना कर रहे एसआई का दिल पिघल गया। उन्होंने राखी बंधवाकर बहनों को उपहार दिए।
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विवचेक एसआई ने इकलौते भाई की मौत के बाद उनकी बहनों से बंधवाई राखी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में हादसे में छह बहनों के इकलौते भाई की मौत हो गई। मामले की विवेचना कर रहे एसआई ने राखी पर्व पर भाई का फर्ज निभाया। वह भाई बनकर घर पहुंचे। बहनों से राखी बंधवाकर उन्हें आशीर्वाद दिया। बहनों को उपहार देखकर खुशी के साथ उनके गम में शामिल हुए।
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मामला जलेसर थाना क्षेत्र के किरी मोहल्ले का है। यहां के निवासी अश्वनी शर्मा के पुत्र प्रदीप की तीन मार्च 2024 को हादसे में मौत हो गई थी। प्रदीप अपनी छह बहनों नीलम, ऊषा, सुजाता, डौली, दिव्या और शिवांगी के बीच इकलौता भाई था। इकलौते भाई की मौत से बहनें और परिवार पूरी तरह से टूट गया है। राखी पर्व पर बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे में मौत की विवेचना एसआई सत्यराम यादव को मिली है।
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एसआई जांच करने के लिए प्रदीप के घर गए तो बहनों का रोता देखकर वह दिल पिघल गए। पहले राखी पर्व पर उन्होंने बहनों को ढांढस बंधाया। भाई बनकर राखी बंधवाई। जिंदगी भर भाई का फर्ज निभाने का वादा किया। उन्होंने उपहार में धोती व कपड़े और मिठाई दी।
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एसआई सत्यराम ने बताया कि पुलिस की नौकरी में रहते हुए अब तक निराश्रित, गरीब, परेशान और पीड़ितों की मदद में 38 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं। इन छह बहनों को भी अपना बनाया है। सोमवार को रखी बंधवाई है। जिन छह बहनों का इकलौता भाई दुनिया से चला गया, उनको बिलखता नहीं देखा गया। भाई होने का फर्ज निभाया है।