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Etah News: नए खेलों के नाम सुन चकरा रहे विद्यार्थी

Sun, 26 May 2024 12:13 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sun, 26 May 2024 12:13 AM IST
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Students are confused after hearing the names of new sports.
एटा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र में स्पोर्ट्स फॉर स्कूल कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें वार्षिक प्रदेशीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं में नौ नए खेल शामिल किए गए हैं। कुछ खेल तो ऐसे हैं, जिनका विद्यार्थियों ने कभी नाम सुना नहीं। ऐसे में खेल में प्रतिभाग करने में भी समस्या आएगी।
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माध्यमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बोर्ड की ओर से स्पोर्ट्स फॉर स्कूल कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं में पूर्व में खेलों के साथ नौ नए खेल शामिल किए गए हैं। विभाग की ओर से खेलों को तो शामिल कर लिया गया है, लेकिन उन खेलों की जानकारी विद्यार्थियों को नहीं है। जबकि राजकीय और सहायता प्राप्त कई विद्यालयों में खेल शिक्षक के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में नए खेलों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देना शिक्षकों के लिए भी समस्या होगी।
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यह खेल किए गए शामिल

बोर्ड में इस बार शतरंज योगासन, बुशू, कुरास, गतका, सेपक टकरा, किक वालीबाल, कलारिपट्टू सहित मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है।
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इन खेलों के नाम सुन असमंजस में विद्यार्थी
गतका- इस खेल को गुरमुखी एवं शाह मुखी नाम से जाना जाता है। यह मार्शल आर्ट का एक रूप है। जो मुख्य रूप से पंजाब के सिख और अन्य संबंधित जाति समूह से जुड़ा है। यह लाठी लड़ाई की एक शैली है, जिसमें लकड़ी की लाठियां का उद्देश्य तलवारों का अनुकरण करना होता है।
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कलारिपट्टू- यह केरल का मार्शल आर्ट का नाम है। यह व्यक्तिगत युद्ध परीक्षण की एक प्रणाली है। इसमें निहत्ते युद्ध के लिए त्वरित सजकता विकसित करने। लाठी, खंजर, चाकू, भाले, तलवार आदि जैसे विभिन्न हथियारों पर कुशल महारत हासिल करने के उद्देश्य से खेला जाता है।

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थंगता- थांग का अर्थ है तलवार और ता का अर्थ भाला तलवार और भाले के साथ खेला जाने वाला यह खेल मणिपुर की एक मार्शल आर्ट है। यह पिछले कुछ समय के दौरान यह लुप्त होती जा रही है। इसमें खिलाड़ी तलवार ढाल और भाले के साथ खेलता है। यह कला आत्मरक्षा एवं युद्ध कला के साथ-साथ पारंपरिक लोक नृत्य के रूप में जानी जाती है।

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नए खेलों के विषय में जो दिशा निर्देश आए हैं। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के उपरांत प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा।

चंद्रकेश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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