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Etah News: हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए विशेष अभियान, अलीगंज में शिविर लगाकर बांटी गईं दवाएं
Thu, 16 Jul 2026 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:50 PM IST
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अलीगंज सीएचसी पर गर्भवतियों की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
अलीगंज। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाली गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उनका नियमित परीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार को कस्बे के अस्पताल में एक विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, वजन और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। जांच पूरी होने पर सभी महिलाओं को आयरन, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई गईं। गर्भावस्था में संतुलित आहार, नियमित जांच, पर्याप्त आराम और समय पर टीकाकरण कराने की जानकारी दी गई। डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह में चार विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसमें गर्भवतियों की एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जटिलताओं की समय पर पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण पाए जाने पर उनको चिह्नित कर लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए नियमित प्रसव पूर्व जांच बेहद आवश्यक है। कई बार गर्भावस्था की जटिलताएं शुरुआती चरण में दिखाई नहीं देतीं, लेकिन समय पर जांच होने से उनकाे उपचार नहीं मिल पाता। शिविर में डॉ. नीतू शाक्य, उमा राजपूत, सुनीता, राधा यादव, दिव्या, आकाश राजपूत, पुष्पा सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, वजन और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। जांच पूरी होने पर सभी महिलाओं को आयरन, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई गईं। गर्भावस्था में संतुलित आहार, नियमित जांच, पर्याप्त आराम और समय पर टीकाकरण कराने की जानकारी दी गई। डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह में चार विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसमें गर्भवतियों की एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जटिलताओं की समय पर पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण पाए जाने पर उनको चिह्नित कर लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए नियमित प्रसव पूर्व जांच बेहद आवश्यक है। कई बार गर्भावस्था की जटिलताएं शुरुआती चरण में दिखाई नहीं देतीं, लेकिन समय पर जांच होने से उनकाे उपचार नहीं मिल पाता। शिविर में डॉ. नीतू शाक्य, उमा राजपूत, सुनीता, राधा यादव, दिव्या, आकाश राजपूत, पुष्पा सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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