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श्रीमद्भागवत की शरण में आने से ही मिल जाती है मुक्ति
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:46 PM IST
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नगर के श्री गंगा देवी धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। प्रथम दिन धुंधकारी उद्धार, गौकर्ण अवतार की कथा का वर्णन किया गया। भजनों पर भक्तजन नृत्य करते नजर आए।
कथा के शुभारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर व सिर पर कलश रखकर कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। लोगों ने जगह-जगह आरती व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। नगर के प्रमुख बाजारों का भ्रमण करते हुए यात्रा गंगा देवी पर समाप्त हुई। कथावाचक मोहन गिरि महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग सुनाए। इससे पूर्व श्रीमद्भागवत ग्रंथ के मुख्य यजमान मनोज गुप्ता, मनीषा गुप्ता ने आरती उतारी। कथावाचक ने माता प्रथम दिन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि आत्मदेव के दो पुत्र हुए गौकर्ण एवं धुंधकारी, लेकिन एक दुष्ट प्रवृत्ति का था और एक सत्संगी, लेकिन भगवत कृपा प्राप्त होते ही धुंधकारी का भी उद्धार हो गया। उन्होंने कहा कि कल युग में सिर्फ एक मात्र श्रीमद्भागवत ही एक ऐसा ग्रंथ है जिसकी शरण में आने से बड़े से बड़ा पापी को भी सहज भी मुक्ति मिल जाती है। कथा के दौरान आकाश दीप वर्मा रानू, राजीव माहेश्वरी, नीरज शर्मा, शिवानी, रमेश साहू, नवल कुलश्रेष्ठ, यश गुप्ता, रक्षित गुप्ता, अंकित कोहरी, अतुल गुप्ता, शिवम माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
कथा के शुभारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर व सिर पर कलश रखकर कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। लोगों ने जगह-जगह आरती व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। नगर के प्रमुख बाजारों का भ्रमण करते हुए यात्रा गंगा देवी पर समाप्त हुई। कथावाचक मोहन गिरि महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंग सुनाए। इससे पूर्व श्रीमद्भागवत ग्रंथ के मुख्य यजमान मनोज गुप्ता, मनीषा गुप्ता ने आरती उतारी। कथावाचक ने माता प्रथम दिन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि आत्मदेव के दो पुत्र हुए गौकर्ण एवं धुंधकारी, लेकिन एक दुष्ट प्रवृत्ति का था और एक सत्संगी, लेकिन भगवत कृपा प्राप्त होते ही धुंधकारी का भी उद्धार हो गया। उन्होंने कहा कि कल युग में सिर्फ एक मात्र श्रीमद्भागवत ही एक ऐसा ग्रंथ है जिसकी शरण में आने से बड़े से बड़ा पापी को भी सहज भी मुक्ति मिल जाती है। कथा के दौरान आकाश दीप वर्मा रानू, राजीव माहेश्वरी, नीरज शर्मा, शिवानी, रमेश साहू, नवल कुलश्रेष्ठ, यश गुप्ता, रक्षित गुप्ता, अंकित कोहरी, अतुल गुप्ता, शिवम माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
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