घर वापसी कर शबनम बनीं नेहा पाठकः हिंदू लड़के से किया प्रेम विवाह, अब कागजों में पहचान की जंग जारी
एटा में शबनम धर्म परिवर्तन करके नेहा पाठक बन गई। उन्होंने हिंदू लड़के से प्रेम विवाह कर लिया। अब उन्होंने कागजों में अपना नाम बदलने के लिए अप्लाई किया है।
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एटा में शबनम बानो ने धर्म बदलकर छह माह पहले कौमेश पाठक से शादी कर ली। अब अपनी धार्मिक पहचान के लिए कागजों में उसकी जंग चल रही है। हालांकि, यह प्रक्रिया भी अब लगभग पूरी होने की ओर है। इसके बाद वह नेहा पाठक नाम से कागजों में भी पहचानी जाएंगी।
गाजीपुर की रहने वाली शबनम की मुलाकात जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव जिरौलिया निवासी कौमेश पाठक से हुई। इसके बाद दोनों ने प्रयागराज के आर्य समाज जॉर्ज टाउन में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। शबनम ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम नेहा पाठक कर लिया। अपनी इस शादी की कानूनी मान्यता दिलाने और परिजनों के विरोध से सुरक्षा दिलाने के लिए उच्च न्यायालय में भी प्रार्थना पत्र दे दिया। जिस पर न्यायालय ने जिला प्रशासन को इन्हें संरक्षण प्रदान करने के लिए निर्देशित किया।
बहरहाल, परिजनों का विरोध तो धीरे-धीरे कम हो गया, लेकिन बात नेहा के वजूद को दस्तावेजों में शामिल करने की खड़ी हो गई। इसके लिए नेहा ने 21 दिसंबर को अपने धर्म परिवर्तन की जानकारी देते हुए अभिलेखों में इसे दर्ज करने का प्रार्थना पत्र डीएम को दिया। इस पर परिजनों से आपत्ति मांगी गई। सोमवार तक कोई आपत्ति नहीं आई। इसके साथ ही कागजों में शबनम को नेहा के रूप में दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया है।
नहीं बदलेगी जाति, रहेगी ओबीसी
शबनम बानो के परिजन पिछड़ी जाति से संबंधित हैं। जबकि पति कौमेश पाठक ब्राह्मण वर्ग से है। शादी के बाद शबनम नेहा के रूप में हिंदू तो हो गईं लेकिन उसकी जाति पिछड़ा वर्ग की ही चलती रहेगी। इसमें परिवर्तन नहीं होगा।
एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि धर्म परिवर्तन कर युवती विवाह कर चुकी है। दंपती द्वारा उच्च न्यायालय में इसकी सूचना भी दी जा चुकी है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया। आपत्ति न आने पर नेहा का विवरण शासकीय अभिलेखों में सुरक्षित रख लिया जाएगा।