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Etah News: डग्गेमार वाहनों की तरह भरकर ले जाते हैं स्कूल के बच्चे
Mon, 30 Oct 2023 11:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 30 Oct 2023 11:17 PM IST
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एटा। विद्यालय संचालक अपनी मनमानी के कारण छोटे वाहनों में डग्गेमारों की तरह बच्चों को भरकर चलाते हैं, इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता, लेकिन हादसे जब भी होते हैं, तब संबंधित विभागों की नींद टूटती है। सोमवार को बदायूं में हुई हृदयविदारक घटना से लोगों को सबक लेने की जरूरत है।
जिले में हजारों की संख्या में सुबह और दोपहर को ओमनी बैन और ईको कार में बच्चे भूसे की तरह भरकर लाए और ले जाए जाते हैं। जबकि परिवहन विभाग की ओर से मात्र बसों को ही मानक पूरा करके बच्चों को लाने और ले जाने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद भी विद्यालय वाहनों की मनमानी हावी रहती है। वह बसों में बच्चों को नहीं बिठाकर छोटे वाहनों में ही भरकर चलाते हैं। जब कि छोटे वाहन स्कूल स्टाफ के लिए ही मान्य हैं। परिवहन विभाग की भी उदासीनता नजर आ रही है और ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती, इससे विद्यालय संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
बता दें कि सोमवार को बदांयू में एक विद्यालय की ईको कार के साथ हादसा होने के चलते 4 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई है। इस हादसे से सबक लेने की जरूरत है। एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय वाहनों को लेकर पहले से ही सख्ती बरती जा रही है, छोटे वाहनों में बच्चों को ले जाने की अनुमति नहीं है, फिर भी अगर कोई विद्यालय संचालित करा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में हजारों की संख्या में सुबह और दोपहर को ओमनी बैन और ईको कार में बच्चे भूसे की तरह भरकर लाए और ले जाए जाते हैं। जबकि परिवहन विभाग की ओर से मात्र बसों को ही मानक पूरा करके बच्चों को लाने और ले जाने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद भी विद्यालय वाहनों की मनमानी हावी रहती है। वह बसों में बच्चों को नहीं बिठाकर छोटे वाहनों में ही भरकर चलाते हैं। जब कि छोटे वाहन स्कूल स्टाफ के लिए ही मान्य हैं। परिवहन विभाग की भी उदासीनता नजर आ रही है और ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जाती, इससे विद्यालय संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
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बता दें कि सोमवार को बदांयू में एक विद्यालय की ईको कार के साथ हादसा होने के चलते 4 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई है। इस हादसे से सबक लेने की जरूरत है। एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय वाहनों को लेकर पहले से ही सख्ती बरती जा रही है, छोटे वाहनों में बच्चों को ले जाने की अनुमति नहीं है, फिर भी अगर कोई विद्यालय संचालित करा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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