फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   satta ka sangram Parties imposing outside leaders in Etah not getting candidates in district

सत्ता का संग्राम: कल्याण के बेटे से कितना खुश मतदाता? बोले- थोप रहे बाहरी नेता, जिले से नहीं मिल रहे कैंडिडेट?

Sat, 13 Apr 2024 05:36 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 13 Apr 2024 05:36 PM IST
सार

Etah News: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' यूपी के एटा जिला पहुंचा है। यहां शनिवार शाम 5 बजे कचहरी धरना स्थल पर विभिन्न पार्टियों के नेताओं से चुनावी चर्चा हुई। इस दौरान उनके बीच एक-दूसरे की पार्टी और विचारधारा के प्रति जुबानी जंग चली। आगे पढ़ें और जानें किसने क्या कहा? 

विज्ञापन
satta ka sangram Parties imposing outside leaders in Etah not getting candidates in district
सत्ता का संग्राम - फोटो : संवाद

विस्तार

इन दिनों लोकसभा चुनाव 2024 का खुमार पार्टियों और नेताओं में तो चढ़ा ही है, जनता भी इसमें खूब रुचि ले रही है। एक तरफ नेता खुद की पार्टी को दूसरी पार्टी से बेहतर बता रहे हैं, तो दूसरी ओर जनता उनका आकलन करने में लगी है। जनता की बात जानने और नेताओं की बात जनता तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' भ्रमण पर है। 

विज्ञापन


शनिवार को यह रथ एटा जिला पहुंचा। यहां शाम 5 बजे नेताओं से चर्चा का दौर जारी हुआ तो भीड़ लगने लगी। जहां नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे, वहीं आमजन उनको सुनकर उनकी प्राथमिकताओं पर गौर करते रहे। अपनी-अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे नेताओं ने बड़ी ही सफाई से अपने जवाब दिए। इसके अलावा विपक्षी प्रतिनिधि के सामने सवाल भी दागे।   
विज्ञापन


चुनावी चर्चा के दौरान भाजपा के पक्षधर ने सरकार की योजनाएं गिनाईं। फ्री राशन, स्वास्थ्य बीमा, घरेलू गैस सिलेंडर सहित कई अन्य योजनाओं को बढ़चढ़कर रखा। वहीं विपक्ष के पक्षधर ने गैस सिलेंडर की महंगाई, शिक्षा माफिया द्वारा पढ़ाई के नाम पर मनमानी उगाही, रोजगार, भ्रष्टाचार को लेकर सवाल दागे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में नहीं मिल रहा नेतृत्व करने वाला नेता

इसके अलावा किसानों का नेतृत्व कर रहे नेता ने विकास कार्यों के लिए सरकार की भूमि अधिग्रहण की व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। उचित और समय पर मुआवजा की बात पर जोर दिया। वहीं जनता ने सपा-भाजपा के सामने उनके प्रत्याशियों को ही सवालों के घेरे में ला दिया। कहा कि पार्टियां बाहरी प्रत्याशी जनता पर थोप रही हैं। इन्हें जिले से कोई नेता नेतृत्व करने की क्षमता वाला नहीं मिल रहा है। 


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed