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कथा में हुआ रुक्मिणी विवाह का वर्णन
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Tue, 06 Oct 2015 10:39 PM IST
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मानपुर नगरिया स्थित मिर्जापुर रोड मैदान पर श्रीकृष्ण लीला कथा का आयोजन किया गया। शास्त्री सुरेशचंद्र नगरिया और आचार्य ओमप्रकाश सरस्वती गोवर्धन ने श्रीकृष्ण लीला कथा का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि कृष्ण लीला सुनने से दुख दर्द सभी मिट जाते हैं। यह लीला ज्ञान का भंडार है। ज्ञान का दीप प्रज्वलित होने से अज्ञात के अंधेरे दूर हो जाते हैं और जीव भव सागर से तर जाता है। रुक्मिणी ने भगवान से इतना प्रेम किया कि भगवान श्रीकृष्ण को खुद आना पड़ा। भगवान कहते हैं निरमल मन तन मो थावा, मोंहि छल कपट छद्र न भावा। कृष्ण लीला का भक्तों ने आनंद लिया। इस मौके पर लीला के आयोज अतीश कुमार, मुकेश, ओमवीर, अमरीश, विजय, दिनेश, शिवनारायण, जगपाल, जयपुरी, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि कृष्ण लीला सुनने से दुख दर्द सभी मिट जाते हैं। यह लीला ज्ञान का भंडार है। ज्ञान का दीप प्रज्वलित होने से अज्ञात के अंधेरे दूर हो जाते हैं और जीव भव सागर से तर जाता है। रुक्मिणी ने भगवान से इतना प्रेम किया कि भगवान श्रीकृष्ण को खुद आना पड़ा। भगवान कहते हैं निरमल मन तन मो थावा, मोंहि छल कपट छद्र न भावा। कृष्ण लीला का भक्तों ने आनंद लिया। इस मौके पर लीला के आयोज अतीश कुमार, मुकेश, ओमवीर, अमरीश, विजय, दिनेश, शिवनारायण, जगपाल, जयपुरी, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल मौजूद रहे।
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