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Etah News: आरटीईः जिले में पांच गुना सीटें रह गईं खाली
Tue, 31 Mar 2026 12:12 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:12 AM IST
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एटा। जिले के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब वर्ग के बच्चों को निशुल्क स्कूल आवंटित किए गए। इसके तहत तीन चरणों में आवेदन मांगे गए। तीनों चरणों की प्रक्रिया होने के बाद भी पांच गुना सीट खाली रह गई। तीनों चरणों में सिर्फ 1002 ही सीट भर सकीं। जबकि जिले में कुल 6380 सीटें थी।
आरटीई के तहत जैसे-जैसे आवेदन के चरण आगे बढ़े, वैसे-वैसे आवंटित सीटों की संख्या कम होती गई। प्रथम चरण में जहां मुफ्त दाखिले के लिए अभिभावकों ने उत्साह दिखाया। वहीं तीसरे चरण तक आते-आते आंकड़ा सिमट गया। कई अभिभावक अपने घर से स्कूलों की अधिक दूरी होने के कारण बच्चों का दाखिला नहीं करा पाए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता भी मुफ्त प्रवेश में बड़ी बाधा साबित हुई है।
आरटीई के तहत पहले चरण में 1254 आवेदन प्राप्त किए गए। इसमें लॉटरी के माध्यम से सिर्फ 430 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया। वहीं दूसरे चरण में पहले चरण के आधे 699 आवेदन प्राप्त किए गए। लॉटरी के माध्यम से 282 विद्यार्थियों को विद्यालय आंवटित किया गया। वहीं तीसरे और आखिरी चरण में 478 आवेदन प्राप्त किए गए जिसमें 290 विद्यार्थियों को विद्यालय आंवटित किया गया। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि तीन चरणों में मुफ्त प्रवेश का प्रावधान था। जो आवेदन आए उनमें से पात्रता पूरी करने वालों के प्रवेश पूरे करा दिए गए।
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कहते हैं आंकड़े
विद्यालयों की संख्या - 850
कुल सीटें- 6380
कुल आवंटित- 1002
रिक्त सीटें- 5378
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आरटीई के तहत जैसे-जैसे आवेदन के चरण आगे बढ़े, वैसे-वैसे आवंटित सीटों की संख्या कम होती गई। प्रथम चरण में जहां मुफ्त दाखिले के लिए अभिभावकों ने उत्साह दिखाया। वहीं तीसरे चरण तक आते-आते आंकड़ा सिमट गया। कई अभिभावक अपने घर से स्कूलों की अधिक दूरी होने के कारण बच्चों का दाखिला नहीं करा पाए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता भी मुफ्त प्रवेश में बड़ी बाधा साबित हुई है।
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आरटीई के तहत पहले चरण में 1254 आवेदन प्राप्त किए गए। इसमें लॉटरी के माध्यम से सिर्फ 430 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया। वहीं दूसरे चरण में पहले चरण के आधे 699 आवेदन प्राप्त किए गए। लॉटरी के माध्यम से 282 विद्यार्थियों को विद्यालय आंवटित किया गया। वहीं तीसरे और आखिरी चरण में 478 आवेदन प्राप्त किए गए जिसमें 290 विद्यार्थियों को विद्यालय आंवटित किया गया। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि तीन चरणों में मुफ्त प्रवेश का प्रावधान था। जो आवेदन आए उनमें से पात्रता पूरी करने वालों के प्रवेश पूरे करा दिए गए।
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कहते हैं आंकड़े
विद्यालयों की संख्या - 850
कुल सीटें- 6380
कुल आवंटित- 1002
रिक्त सीटें- 5378