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सुबह से ही दिखा रक्षाबंधन त्योहार का उल्लास
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 29 Aug 2015 10:56 PM IST
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रक्षाबंधन पर्व शनिवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर जहां रक्षा का वचन लिया। वहीं उनके माथे पर तिलक कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। बाजार में भी देर शाम तक मिठाई, कपड़ों की दुकानों पर भीड़ नजर आई। घर-घर मीठे पकवान बने तो छोटे बच्चे चाकलेट, गिफ्ट देखकर काफी उत्साहित रहे।
सुबह से ही बहनों को भाइयों एवं भाइयों को बहनों का इंतजार रहा। दिल्ली से आने वाली सभी बसें खचाखच दिखीं। लोग छतों पर भी दिखाई दिए तो निजी वाहनों का रेला भी सड़कों पर दिखाई दिया। डग्गामार वाहनों की जमकर चांदी कटी। वहीं दुपहिया वाहनों पर भी तीन-तीन, चार-चार लोग सवार होकर गुजरते दिखाई दिए। पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। वे सुबह से ही अपने हाथों में राखियां बांधने की जिद कर रहे थे। कार्टून कैरेक्टर वाली राखी बच्चों ने बहुत पसंद की। घरों में पूड़ी कचौड़ी, सेंवई-खीर के साथ ही लोगों ने अन्य मीठे पकवानों का भी स्वाद लिया।
कहीं सिसकियां भी सुनाई दीं
भाई बहिन का यह पर्व कहीं खुशी बिखेरता दिखा तो कुछ घरों में सिसकियां भी सुनाई दीं। हादसे में भाई को गंवा चुकी इकलौते भाई की बहिन रजनी का बुरा हाल था। वहीं दीप्ति, छाया को परिवार में भाई की कमी खल रही थी।
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लाखों की बिकी मिठाई
पर्व पर जिले में लाखों की मिठाई बिकी। सर्वाधिक मांग घेवर की रही। कहीं सादा तो कहीं मलाई वाले घेवर को पसंद किया गया। प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेताओं ने ही इस दिन कुंतलों घेवर बेचा है। शाम तक मिठाई दुकानों पर भीड़ रही।
शुभ लग्न को लेकर रहा असमंजस
दोपहर तक रहे भद्रा काल के चलते लोग असमंजस में रहे। ग्रामीण अंचल एवं शहरी क्षेत्र के भी अधिकांश लोगों ने बिना लग्न का विचार किए ही सुबह से ही राखी बांधना शुरू कर दिया। वहीं कुछ जानकारों ने भद्रा के गुजरने के बाद पर्व मनाया।
दोपहर बाद बंद दिखे बाजार
पर्व का असर बाजारों में दिखाई दिया। मिठाई आदि की दुकानें जहां दोपहर तक खुली रहीं। वहीं अन्य बाजार दोपहर बाद बंद दिखे। बाबूगंज, गांधी मार्केट, घंटाघर आदि बाजारों में शटर डाउन दिखे।
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सुबह से ही बहनों को भाइयों एवं भाइयों को बहनों का इंतजार रहा। दिल्ली से आने वाली सभी बसें खचाखच दिखीं। लोग छतों पर भी दिखाई दिए तो निजी वाहनों का रेला भी सड़कों पर दिखाई दिया। डग्गामार वाहनों की जमकर चांदी कटी। वहीं दुपहिया वाहनों पर भी तीन-तीन, चार-चार लोग सवार होकर गुजरते दिखाई दिए। पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। वे सुबह से ही अपने हाथों में राखियां बांधने की जिद कर रहे थे। कार्टून कैरेक्टर वाली राखी बच्चों ने बहुत पसंद की। घरों में पूड़ी कचौड़ी, सेंवई-खीर के साथ ही लोगों ने अन्य मीठे पकवानों का भी स्वाद लिया।
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कहीं सिसकियां भी सुनाई दीं
भाई बहिन का यह पर्व कहीं खुशी बिखेरता दिखा तो कुछ घरों में सिसकियां भी सुनाई दीं। हादसे में भाई को गंवा चुकी इकलौते भाई की बहिन रजनी का बुरा हाल था। वहीं दीप्ति, छाया को परिवार में भाई की कमी खल रही थी।
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लाखों की बिकी मिठाई
पर्व पर जिले में लाखों की मिठाई बिकी। सर्वाधिक मांग घेवर की रही। कहीं सादा तो कहीं मलाई वाले घेवर को पसंद किया गया। प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेताओं ने ही इस दिन कुंतलों घेवर बेचा है। शाम तक मिठाई दुकानों पर भीड़ रही।
शुभ लग्न को लेकर रहा असमंजस
दोपहर तक रहे भद्रा काल के चलते लोग असमंजस में रहे। ग्रामीण अंचल एवं शहरी क्षेत्र के भी अधिकांश लोगों ने बिना लग्न का विचार किए ही सुबह से ही राखी बांधना शुरू कर दिया। वहीं कुछ जानकारों ने भद्रा के गुजरने के बाद पर्व मनाया।
दोपहर बाद बंद दिखे बाजार
पर्व का असर बाजारों में दिखाई दिया। मिठाई आदि की दुकानें जहां दोपहर तक खुली रहीं। वहीं अन्य बाजार दोपहर बाद बंद दिखे। बाबूगंज, गांधी मार्केट, घंटाघर आदि बाजारों में शटर डाउन दिखे।