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मेडिकल कॉलेज के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
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मेडिकल कॉलेज भवन का किया जा रहा निर्माण ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मेडिकल कॉलेज में कराए जा रहे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसमें प्रयोग की जा रही ईंटों को संदिग्ध बताते हुए शिकायत शासन स्तर पर भेजी गई है। डाक बगलिया में सीएमओ कार्यालय परिसर से लेकर जिला अस्पताल की ओर मेडिकल कॉलेज के नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। 300 बेड के अस्पताल सहित नर्सेज हॉस्टल सहित अन्य भवन भी बनाए जा रहे हैं। अस्पताल आठ मंजिला बनाया जाना है।
जिसके लंबे समय तक टिकाऊ बने रहने के लिए अच्छे निर्माण की जरूरत है, लेकिन इसके निर्माण में गड़बड़ी को लेकर शहर के रहने वाले एक अधिवक्ता ने आईजीआरएस पोर्टल पर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को शिकायत भेजी है। बताया कि रानी अवंतीबाई स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण 217 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसमें बेहद ही खराब गुणवत्ता की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो देखने में दोयम और पीला जैसी प्रतीत हो रहीं हैं। इस तरह की निर्माण सामग्री लगाए जाने से भविष्य में चिकित्सकों, मरीजों आदि को किसी भी तरह के हादसे का खामियाजा उठाना पड़ सकता है। अधिवक्ता ने मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
महानिदेशक ने झाड़ा शिकायत से पल्ला
शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज सीधे तौर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आते हैं। शिकायत भी इस विभाग के महानिदेशक को की लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्ट में अटपटा जवाब लिखकर पल्ला झाड़ लिय। लिखा है कि प्रकरण इस कार्यालय से संबंधित नहीं है। इसे लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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जिसके लंबे समय तक टिकाऊ बने रहने के लिए अच्छे निर्माण की जरूरत है, लेकिन इसके निर्माण में गड़बड़ी को लेकर शहर के रहने वाले एक अधिवक्ता ने आईजीआरएस पोर्टल पर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को शिकायत भेजी है। बताया कि रानी अवंतीबाई स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण 217 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसमें बेहद ही खराब गुणवत्ता की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो देखने में दोयम और पीला जैसी प्रतीत हो रहीं हैं। इस तरह की निर्माण सामग्री लगाए जाने से भविष्य में चिकित्सकों, मरीजों आदि को किसी भी तरह के हादसे का खामियाजा उठाना पड़ सकता है। अधिवक्ता ने मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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महानिदेशक ने झाड़ा शिकायत से पल्ला
शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज सीधे तौर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आते हैं। शिकायत भी इस विभाग के महानिदेशक को की लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्ट में अटपटा जवाब लिखकर पल्ला झाड़ लिय। लिखा है कि प्रकरण इस कार्यालय से संबंधित नहीं है। इसे लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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