{"_id":"66a3df09b6584f62410ae2ee","slug":"pushpendra-came-into-limelight-9-years-ago-by-abusing-co-etah-news-c-163-1-sagr1016-120346-2024-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: 9 साल पहले सीओ को गाली देकर सुर्खियों में आया था पुष्पेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: 9 साल पहले सीओ को गाली देकर सुर्खियों में आया था पुष्पेंद्र
Fri, 26 Jul 2024 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 26 Jul 2024 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा यादव और सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव का पुत्र जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र यादव 9 साल पहले सीओ को गाली देकर सुर्खियों में आया था। उस समय जिला पंचायत सदस्य के चुनाव मतदान के दौरान पुष्पेंद्र ने सीओ को फोन कर न सिर्फ गाली दी बल्कि पोलिंग डंप करने की चुनौती भी दी थी। इस बातचीत का ऑडियो जमकर वायरल हुआ था।
उस समय पुष्पेंद्र यादव की नई राजनीति शुरू हुई थी। सूबे में सपा की सरकार तो जिले में इस परिवार की हनक थी। ऐसे में ही 2015 में जिला पंचायत का चुनाव हुआ। पुष्पेंद्र यादव भी जिला पंचायत सदस्य पद का प्रत्याशी था। 13 अक्तूबर 2015 को मतदान प्रक्रिया चल रही थी। सकीट क्षेत्र में सीओ जलेसर राघवेंद्र सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। गांव कुंवरपुर पोलिंग स्टेशन पर खड़ी पुष्पेंद्र यादव की गाड़ी को सीओ ने हटवा दिया। इसके बाद सीओ सकीट आगे बढ़ गए।
कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर पुष्पेंद्र की कॉल आई। बातचीत के दौरान गालियां देते हुए उसने कहा कि मैं बूथ कैप्चरिंग कर रहा हूं, रोक सकते हो तो रोक लो। अचानक से हुई गालीगलौज से सीओ भी हैरत में थे। बाद में उन्होंने सकीट थाने में पुष्पेंद्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले को लेकर पुष्पेंद्र सुर्खियों में रहा था। धीमे-धीमे उसका राजनीतिक कद भी पिता जुगेंद्र सिंह और ताऊ रामेश्वर सिंह यादव की छत्रछाया में बढ़ने लगा। 2015 के बाद 2022 में भी लगातार दूसरी बार वह जिला पंचायत सदस्य चुन लिया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
जमानत के लिए अदालत में डाली याचिका
पुष्पेंद्र के अधिवक्ता आकाश यादव ने बताया कि जमानत के लिए विशेष न्यायाधीश डकैती प्रभावित क्षेत्र के न्यायालय में शुक्रवार को याचिका प्रस्तुत कर दी गई है। इस मामले में अभी थाने से रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
विज्ञापन
उस समय पुष्पेंद्र यादव की नई राजनीति शुरू हुई थी। सूबे में सपा की सरकार तो जिले में इस परिवार की हनक थी। ऐसे में ही 2015 में जिला पंचायत का चुनाव हुआ। पुष्पेंद्र यादव भी जिला पंचायत सदस्य पद का प्रत्याशी था। 13 अक्तूबर 2015 को मतदान प्रक्रिया चल रही थी। सकीट क्षेत्र में सीओ जलेसर राघवेंद्र सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। गांव कुंवरपुर पोलिंग स्टेशन पर खड़ी पुष्पेंद्र यादव की गाड़ी को सीओ ने हटवा दिया। इसके बाद सीओ सकीट आगे बढ़ गए।
विज्ञापन
कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर पुष्पेंद्र की कॉल आई। बातचीत के दौरान गालियां देते हुए उसने कहा कि मैं बूथ कैप्चरिंग कर रहा हूं, रोक सकते हो तो रोक लो। अचानक से हुई गालीगलौज से सीओ भी हैरत में थे। बाद में उन्होंने सकीट थाने में पुष्पेंद्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले को लेकर पुष्पेंद्र सुर्खियों में रहा था। धीमे-धीमे उसका राजनीतिक कद भी पिता जुगेंद्र सिंह और ताऊ रामेश्वर सिंह यादव की छत्रछाया में बढ़ने लगा। 2015 के बाद 2022 में भी लगातार दूसरी बार वह जिला पंचायत सदस्य चुन लिया गया।
विज्ञापन
जमानत के लिए अदालत में डाली याचिका
पुष्पेंद्र के अधिवक्ता आकाश यादव ने बताया कि जमानत के लिए विशेष न्यायाधीश डकैती प्रभावित क्षेत्र के न्यायालय में शुक्रवार को याचिका प्रस्तुत कर दी गई है। इस मामले में अभी थाने से रिपोर्ट मंगाई जाएगी।