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निजी कंपनी भी नहीं कर पा रही सफाई
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Thu, 19 Feb 2015 10:49 PM IST
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शहर की सफाई व्यवस्था रामभरोसे है। कर्मचारियों की कमी के चलते पालिका
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द्वारा शहर के आठ वार्डों की सफाई का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को सौंपने के
बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है। प्राइवेट कंपनी इस कार्य में
फेल होती नजर आ रही है। इस पर नगरपालिका ने प्राइवेट कंपनी के संचालक को
नोटिस देकर तीन दिन के अंदर सफाई व्यवस्था में सुधार करने को कहा है, नहीं
तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
बता दें कि शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए नगरपालिका ने पहली बार आठ वार्ड आगरा की एक प्राइवेट कंपनी के हवाले किए हैं। पालिका हर माह कंपनी को छह लाख रुपये का भुगतान करेगी। गत दिनों से प्राइवेट कंपनी ने स्वयं के सफाई कर्मचारी रखकर उक्त वार्डों में सफाई कार्य शुरू कराया है, साथ ही शिकायत के लिए एक रजिस्टर भी रखवाया गया है, लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा।
जैसे पहले इन इलाकों में गंदगी का आलम था आज भी वैसा ही यहां नजर आ रहा है। प्राइवेट कंपनी भी सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में फेल होती नजर आ रही है। लोगों ने भी सोचा था चलो पालिका उन्हें गंदगी की समस्या से निजात नहीं दिला पाई अब प्राइवेट कंपनी के हवाले उनका वार्ड आने से अब उन्हें इससे निजात मिलेगी, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हुआ है।
बता दें कि वर्तमान में पालिका को 304 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। इसके सापेक्ष काम केवल 204 सफाई कर्मी कर रहे हैं। इसके चलते शहर के सभी 25 वार्डों में साफ-सफाई का काम पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। सफाई के अभाव में गलियों व सड़कों पर जगह-जगह कूड़ा करकट नजर आता है।
ये वार्ड सौंपे हैं प्राइवेट कंपनी को
वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार, 11, 12, 13 व 25 शामिल हैं।
इन वार्डों में सफाई कार्य संतोषजनक न मिलने पर प्राइवेट कंपनी संचालक को नोटिस देकर तीन दिन का समय दिया है। यदि व्यवस्था में सुधार न हुआ तो टेंडर निरस्त किया जाएगा। वहीं, पालिका प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त दो-दो प्राइवेट कर्मचारी लगाकर सफाई कार्य कराएगी।
- राकेश गांधी, नगरपालिका अध्यक्ष एटा।
बता दें कि शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए नगरपालिका ने पहली बार आठ वार्ड आगरा की एक प्राइवेट कंपनी के हवाले किए हैं। पालिका हर माह कंपनी को छह लाख रुपये का भुगतान करेगी। गत दिनों से प्राइवेट कंपनी ने स्वयं के सफाई कर्मचारी रखकर उक्त वार्डों में सफाई कार्य शुरू कराया है, साथ ही शिकायत के लिए एक रजिस्टर भी रखवाया गया है, लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा।
जैसे पहले इन इलाकों में गंदगी का आलम था आज भी वैसा ही यहां नजर आ रहा है। प्राइवेट कंपनी भी सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में फेल होती नजर आ रही है। लोगों ने भी सोचा था चलो पालिका उन्हें गंदगी की समस्या से निजात नहीं दिला पाई अब प्राइवेट कंपनी के हवाले उनका वार्ड आने से अब उन्हें इससे निजात मिलेगी, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हुआ है।
बता दें कि वर्तमान में पालिका को 304 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। इसके सापेक्ष काम केवल 204 सफाई कर्मी कर रहे हैं। इसके चलते शहर के सभी 25 वार्डों में साफ-सफाई का काम पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। सफाई के अभाव में गलियों व सड़कों पर जगह-जगह कूड़ा करकट नजर आता है।
ये वार्ड सौंपे हैं प्राइवेट कंपनी को
वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार, 11, 12, 13 व 25 शामिल हैं।
इन वार्डों में सफाई कार्य संतोषजनक न मिलने पर प्राइवेट कंपनी संचालक को नोटिस देकर तीन दिन का समय दिया है। यदि व्यवस्था में सुधार न हुआ तो टेंडर निरस्त किया जाएगा। वहीं, पालिका प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त दो-दो प्राइवेट कर्मचारी लगाकर सफाई कार्य कराएगी।
- राकेश गांधी, नगरपालिका अध्यक्ष एटा।