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Etah News: अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भवती और गर्भस्थ शिशु ने तोड़ा दम
Sat, 10 Aug 2024 10:46 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 10 Aug 2024 10:46 PM IST
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एटा। जैथरा क्षेत्र की गर्भवती का ब्लड प्रेशर शनिवार को अचानक बढ़ गया। हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां गर्भवती और गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर दिया गया।
जैथरा क्षेत्र के गांव नगला अगर सिंह निवासी मुतीश खान की पत्नी परवीन (27) की मौत हुई है। वह 8 माह की गर्भवती थी। जेठ जलील खान ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे परवीन सोकर उठी थी। चक्कर आने की बात कही। इसके बाद तबीयत बिगड़ती चली गई। पहले कस्बा जैथरा में एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। वहां बीपी बहुत ज्यादा बढ़ा बताया गया। उसने बिना किसी उपचार के मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां लेकर आए तो जांच कर पेट में पल रहे बच्चे सहित परवीन को मृत बता दिया। बताया कि भाई दिल्ली में हलवाई का काम करता है और पत्नी को घर पर ही छोड़कर गया था, 8 महीने की गर्भवती थी।
सीएमएस डाॅ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि कई गर्भवती महिलाओं में बीपी बढ़ने की समस्या आ जाती है। इसलिए गर्भवती की नियमित जांचें जरूरी हैं। बीपी बढ़ा होने पर अति जोखिम की स्थिति रहती है और ब्रेन हेमरेज होने से मौत हो जाती है। जच्चा और बच्चा दोनों के लिए ही खतरा रहता है। परिजन की जिम्मेदारी बनती है कि वह लापरवाही नहीं बरतें और जांचें कराते रहें। कुशल चिकित्सक की देखरेख में प्रसव कराएं। शोकाकुल परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को अपने साथ ले गए।
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जैथरा क्षेत्र के गांव नगला अगर सिंह निवासी मुतीश खान की पत्नी परवीन (27) की मौत हुई है। वह 8 माह की गर्भवती थी। जेठ जलील खान ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे परवीन सोकर उठी थी। चक्कर आने की बात कही। इसके बाद तबीयत बिगड़ती चली गई। पहले कस्बा जैथरा में एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। वहां बीपी बहुत ज्यादा बढ़ा बताया गया। उसने बिना किसी उपचार के मेडिकल कॉलेज भेज दिया। यहां लेकर आए तो जांच कर पेट में पल रहे बच्चे सहित परवीन को मृत बता दिया। बताया कि भाई दिल्ली में हलवाई का काम करता है और पत्नी को घर पर ही छोड़कर गया था, 8 महीने की गर्भवती थी।
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सीएमएस डाॅ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि कई गर्भवती महिलाओं में बीपी बढ़ने की समस्या आ जाती है। इसलिए गर्भवती की नियमित जांचें जरूरी हैं। बीपी बढ़ा होने पर अति जोखिम की स्थिति रहती है और ब्रेन हेमरेज होने से मौत हो जाती है। जच्चा और बच्चा दोनों के लिए ही खतरा रहता है। परिजन की जिम्मेदारी बनती है कि वह लापरवाही नहीं बरतें और जांचें कराते रहें। कुशल चिकित्सक की देखरेख में प्रसव कराएं। शोकाकुल परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को अपने साथ ले गए।
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