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Etah News: 20 लाख की आबादी, डेंगू एलाइजा जांच के लिए सिर्फ एक लैब
Thu, 21 Sep 2023 10:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:10 AM IST
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एटा। कहने को एटा में मेडिकल कॉलेज खुल गया है, सभी ब्लॉकाें में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी न होने देने की बात भी बराबर कही जा रही है। इस समय डेंगू के जांच और इलाज पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि डेंगू की जांच की व्यवस्था जिले में है ही नहीं। स्वास्थ्य विभाग केवल एलाइजा जांच में ही डेंगू की पुष्टि मानता है। जबकि जिले की 20 लाख की आबादी पर महज एक ही लैब में यह जांच सुविधा उपलब्ध है। आमतौर पर अगस्त के तीसरे सप्ताह से ही मच्छर जनित रोग का संक्रमण शुरू हो जाता हैं। मलेरिया से लेकर डेंगू और चिकनगुनिया भी पांव पसारने लगते हैं। लगभग हर वर्ष अगस्त से अक्तूबर तक मच्छरजनित रोग कहर बरपाते हैं। इसके बाद भी सतर्कता सिर्फ कागजों में बरत जाती है। वर्ष 2011 की जनगणना में जिले की आबादी 16 लाख थी। पिछले 12 वर्ष में यह आबादी बढ़कर 20 लाख के करीब पहुंच गई है। जबकि डेंगू एलाइजा टेस्ट की जांच सिर्फ एक ही जगह मेडिकल कॉलेज में होती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों का अभाव न होने का दावा किया जाता है, लेकिन जिले की आठ सीएचसी में से किसी में भी एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। सीएचसी पर किट से डेंगू का टेस्ट होता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी जांच के लिए दूसरा सैंपल भेजा जाता है। यहां एलाइजा टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही मरीजाें को डेंगू पीड़ित माना जाता है।
हर दिन 30 से 35 मरीजों की हो रहीं डेंगू जांच
मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में डेंगू, मलेरिया, आदि की जांच की जाती हैं। औसतन हर रोज 30 से 35 लोगों की ही डेंगू की जांच यहां हो पाती है। मरीजाें की भीड़ अधिक होने के कारण रिपोर्ट भी 24 घंटे बाद मिल रही है।
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डेंगू एलाइजा की जांच के लिए सीएचसी से सैंपल आते हैं। मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जा रही है। बीएसएल लैब में और डेंगू की जांच कराई जाएगी। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किट से यह जांच कराई जा रही है।-डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों का अभाव न होने का दावा किया जाता है, लेकिन जिले की आठ सीएचसी में से किसी में भी एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। सीएचसी पर किट से डेंगू का टेस्ट होता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी जांच के लिए दूसरा सैंपल भेजा जाता है। यहां एलाइजा टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही मरीजाें को डेंगू पीड़ित माना जाता है।
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हर दिन 30 से 35 मरीजों की हो रहीं डेंगू जांच
मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में डेंगू, मलेरिया, आदि की जांच की जाती हैं। औसतन हर रोज 30 से 35 लोगों की ही डेंगू की जांच यहां हो पाती है। मरीजाें की भीड़ अधिक होने के कारण रिपोर्ट भी 24 घंटे बाद मिल रही है।
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डेंगू एलाइजा की जांच के लिए सीएचसी से सैंपल आते हैं। मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जा रही है। बीएसएल लैब में और डेंगू की जांच कराई जाएगी। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किट से यह जांच कराई जा रही है।-डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ