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प्रदूषण हुआ कम, सेहत को खतरा बरकरार
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एटा। पिछले दिनों की अपेक्षा प्रदूषण में कमी आई है। शनिवार को हुई बरसात के असर से सोमवार को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 234 दर्ज किया गया। हालांकि कमी के बावजूद इतना प्रदूषण भी सेहत के लिए खतरनाक है। दीपावली के बाद से वायु प्रदूषण अचानक से बढ़ा। जिसके चलते लोगों को आंखों तथा सांस लेने में समस्याएं हुईं। उस समय एक्यूआई 314 तक पहुंच गया था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक था। हफ्ते भर बाद इसमें कुछ सुधार हुआ और दो दिन पहले तक यह 250 पर आ गया था।
इस बीच शनिवार को हुई बरसात से वायु की दशा और सुधरी। सोमवार को इसकी गुणवत्ता 234 दर्ज की गई। जो पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रही। यह राहत की बात हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ इसे भी सही नहीं बता रहे हैं। चेस्ट रोग फिजीशियन डॉ. निर्मल जैन बताते हैं कि हम लोगों के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 तक रहना सबसे अच्छा है। जबकि 100 तक को संतोषजनक माना जा सकता है। लेकिन इससे ज्यादा प्रदूषण हमारे श्वसन तंत्र सहित अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है। 234 एक्यूआई को खराब कहा जा सकता है। लोगों को प्रदूषण वाले स्थानों से दर रहने और मास्क का प्रयोग करने की जरूरत है।
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इस बीच शनिवार को हुई बरसात से वायु की दशा और सुधरी। सोमवार को इसकी गुणवत्ता 234 दर्ज की गई। जो पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रही। यह राहत की बात हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ इसे भी सही नहीं बता रहे हैं। चेस्ट रोग फिजीशियन डॉ. निर्मल जैन बताते हैं कि हम लोगों के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 तक रहना सबसे अच्छा है। जबकि 100 तक को संतोषजनक माना जा सकता है। लेकिन इससे ज्यादा प्रदूषण हमारे श्वसन तंत्र सहित अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है। 234 एक्यूआई को खराब कहा जा सकता है। लोगों को प्रदूषण वाले स्थानों से दर रहने और मास्क का प्रयोग करने की जरूरत है।
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